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खाद के साथ बीमा मुफ्त, यूरिया के हर कट्टे पर इंश्योरेंस, इफको की इस स्कीम के बारे में जानते हैं आप!

रबी सीजन का गेहूं खेतों में सिर उठाने लगा है. गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए किसान खेतों में खाद डाल रहे हैं. पीलीभीत की कृषि उत्पादन मंडी में इफको को बिक्री केंद्र पर मुडैया हुलास गांव के मोहन स्वरूप यूरिया के कट्टे लेने आए हुए हैं. उन्होंने गेहूं में डालने के लिए 10 कट्टे यूरिया लिया है. गाड़ी में खाद के कट्टे लादने के बाद मोहन स्वरूप ने खरीद की रसीद (बिल) को बड़े ही करीने से अपने पर्स में संभाल कर रखा है.

आमतौर पर हम कोई भी खरीदारी करते समय बिल को लेकर ज्यादा उत्सुक नहीं होते हैं. सामान मिला, भुगतान किया और चल दिए अपने घर. लेकिन मोहन स्वरूप एक किसान के बाद भी यूरिया के कट्टों के बिल को बहुत संभाल कर रख रहे हैं. इसके लिए मोहन बताते हैं कि इफको अपनी खाद के हर कट्टे पर बीमा देता है. और बीमा के क्लेम के लिए कट्टों की खरीद का बिल होना जरूरी है.

मोहन स्वरूप अपने अधिकारों और दी जा रही सुविधाओं को लेकर एकदम अलर्ट हैं. वह बताते हैं कि इफको के उर्वरकों के इस्तेमाल से जहां खेत की मिट्टी को पोषक तत्व मिलते हैं, फसलों की पैदावार बढ़ती है, किसानों को सुरक्षा भी मिलती है.

पीलीभीत जिले के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक बृजवीर सिंह ने बताते हैं इफको खाद की हर एक बोरी पर किसनों के लिए दुर्घटना बीमा कवरेज दिया जाता है. उन्होंने बताया कि खाद के एक कट्टे पर 4,000 रुपये तक का बीमा मिलता है. किसान अधिकतम 25 कट्टों पर बीमा का लाभ ले सकता है. कुल मिलाकर एक किसान को अधिकतम एक लाख रुपये का बीमा कवरेज मिलता है. खास बात ये है कि इस बीमा के लिए किसान को अलग से कोई भगुतान भी नहीं करना पड़ता है. बीमा के प्रीमियम का पूरा भुगतान इफको द्वारा किया जाता है.

एक लाख रुपये का बीमा
मुख्य क्षेत्र प्रबंधक बृजवीर सिंह ने बताया कि यह बीमा इफको संकट हरण बीमा योजना के तहत किसानों को दिया जाता है. उन्होंने बताया कि उर्वरक के बैग पर दिय जाने वाला बीमा एक तरह का दुर्घटना बीमा है. यह बीमा खाद खरीदने के एक महीने बाद और खरीद के दिन से एक साल तक की अवधि के लिए लागू होता है. यह टर्म इंश्योरेंस है. एक साल बाद इसकी मियाद खत्म हो जाती है.

बृजवीर सिंह बताते हैं कि इफको उर्वरक खरीदने के एक साल के भीतर किसान की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को एक लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जाता है. बीमा की राशि दावेदार के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है.

इसके अलावा किसी दुर्घटना में किसान के दो अंग खराब होने की दशा में प्रति बैग दो हजार रुपये के हिसाब से अधिकतम 50,000 रुपये का भुगतान पीड़ित व्यक्ति को किया जाता है. एक अंग पूरी तरह से खराब होने की दशा में 1000 रुपये प्रति कट्टा के हिसाब से 25,000 रुपये का बीमा कवरेज दिया जाता है.

ऐसे कर सकते हैं दावा
मुख्य क्षेत्र प्रबंधक बृजवीर सिंह बताते हैं कि बीमा राशि के क्लेम के लिए प्रभावित किसान के पास उर्वरक खरीद की रसीद होनी चाहिए. पीड़ित के पास जितने खाद के कट्टों की रसीद होगी, उसी हिसाब से बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा. रसीद के साथ मृत्यु की दशा में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और पंचनामा की जरूरत होती है. अंग खराब होने की दशा में डॉक्टर और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर बीमा राशि का भुगतान किया जाता है.

इफको खाद की कीमत
इस समय यूरिया के एक कट्टे की कीमत 266.50 रुपये है. डीएपी की कीमत 1350 रुपये, एनपीके (12:32:16) के दाम 1470 रुपये हैं और एनपीके (20:20:13) की कीमत 1200 रुपये प्रति कट्टा है. यहां बता दें कि यूरिया के कट्टे का वजन 40 किलोग्राम होता है, बाकि अन्य का वजन 50 किलोग्राम होता है.

Tags: Farmers, Insurance, Pilibhit news

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Aarambh News
Author: Aarambh News

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