
India Tesla Entry: मस्क-मोदी बैठक के बाद टेस्ला ने शुरू की हायरिंग, जल्द लॉन्च होंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स
India Tesla Entry: दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला (Tesla) ने भारत में अपनी एंट्री की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। टेस्ला ने भारत में भर्ती प्रक्रिया (Tesla hiring in India) शुरू कर दी है, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी जल्द ही भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में अपने कदम रखेगी। यह फैसला टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की हाल ही में अमेरिका में हुई बैठक के बाद लिया गया है।
भारत में टेस्ला की भर्ती प्रक्रिया शुरू
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर जारी किए गए एक जॉब पोस्ट के अनुसार, टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में 13 पदों के लिए भर्तियां शुरू की हैं। इन पदों में ग्राहक सेवा से जुड़े कार्य और बैक-एंड ऑपरेशन से जुड़े पद शामिल हैं।
इन पदों के लिए हो रही भर्ती:
- सर्विस टेक्नीशियन (Service Technician)
- एडवाइजर (Advisor)
- कस्टमर एंगेजमेंट मैनेजर (Customer Engagement Manager)
- डिलीवरी ऑपरेशन्स स्पेशलिस्ट (Delivery Operations Specialist)
हाई इम्पोर्ट ड्यूटी बनी थी बड़ी बाधा
भारत में टेस्ला की एंट्री को लेकर लंबे समय से चर्चा हो रही थी, लेकिन उच्च आयात शुल्क (High Import Duty) के कारण कंपनी भारत में अपनी कार लॉन्च करने से पीछे हट रही थी। भारत में $40,000 (लगभग 33 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर पहले 110% का बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती थी, जिसे हाल ही में सरकार ने घटाकर 70% कर दिया है। इस नीति में बदलाव के बाद अब टेस्ला को भारतीय बाजार में उतरने के लिए प्रोत्साहन मिला है।
भारत में EV बाजार की स्थिति
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अभी शुरुआती चरण में है। चीन में जहां पिछले वर्ष 1.1 करोड़ इलेक्ट्रिक कारें बिकी थीं, वहीं भारत में यह संख्या केवल 1 लाख के आसपास रही। हालांकि, भारतीय सरकार के स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के अभियान के चलते इस सेक्टर में तेज़ी से वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला शुरुआत में अपनी कारों को आयात (import) करके भारतीय बाजार में उतार सकती है। बाद में मांग और सरकारी सहयोग के आधार पर स्थानीय विनिर्माण (Local Manufacturing) की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
मस्क-मोदी बैठक का असर
टेस्ला की हायरिंग की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण चर्चाएं चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क की बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत और अमेरिका के बीच व्यापार असंतुलन को कम करने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों को लेकर भी बातचीत चल रही है, जिसमें F-35 फाइटर जेट की बिक्री पर चर्चा हो रही है।
भारत में टेस्ला की भविष्य की योजनाएं
भारत में टेस्ला की एंट्री से देश के EV सेक्टर को नया आयाम मिलेगा। विश्लेषकों का मानना है कि टेस्ला के आने से भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और घरेलू EV कंपनियों को भी नवाचार और गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कंपनी के CEO एलन मस्क पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि टेस्ला भारत में अपने गीगाफैक्ट्री (Gigafactory) स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों के लिए भी एक बड़ा कदम साबित होगा।
सरकार की नीति और संभावित चुनौतियां
हालांकि, भारत में EV सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं लागू कर रही है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, उच्च उत्पादन लागत और ग्राहक जागरूकता की कमी जैसे मुद्दों का समाधान करना आवश्यक है।
India Tesla Entry: भारतीय बाजार में टेस्ला का प्रभाव
- प्रतिस्पर्धा में वृद्धि: टेस्ला की एंट्री से टाटा मोटर्स, महिंद्रा, ओला इलेक्ट्रिक जैसी भारतीय कंपनियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
- नई तकनीक का आगमन: टेस्ला की एडवांस्ड ऑटोमेशन और बैटरी टेक्नोलॉजी भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास में क्रांति ला सकती है।
- नौकरी के अवसर: टेस्ला की भारत में मौजूदगी से नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे, विशेषकर इंजीनियरिंग, कस्टमर सर्विस और सप्लाई चेन में।
अब देखना यह होगा कि टेस्ला कब अपनी पहली कार भारतीय बाजार में लॉन्च करती है और इसका भारतीय ग्राहकों पर क्या असर पड़ता है।
यह भी पढ़े: Ranveer Allahbadia को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कड़े निर्देश के साथ राहत भी मिली