श्रावण मास में आने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि कहा जाता है। यह पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे शुभ अवसर होता है। पूरे सावन माह को भोलेनाथ को समर्पित माना गया है, लेकिन सावन की शिवरात्रि विशेष फलदायी होती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण करने से शिव कृपा सहजता से प्राप्त होती है।