newborn thrown in bushes: जन्म के साथ ही मौत! बरेली में नवजात को झाड़ियों में फेंका, कुत्तों ने नोच डाला
newborn thrown in bushes: क्या आप कभी सोच सकते है, की कोई माँ-बाप अपने नवजान शिशु को जन्म के तुरंत बाद किसी ऐसी जगह फेक आये जहा जानवर बाचे को अपना शिकार समज ले ?
कोई कहानी नहीं बल्कि कलयुग की सच्ची घटना है। उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। एक नवजात शिशु, जिसने अभी इस दुनिया में सांस लेना शुरू भी नहीं किया था, उसे जन्म के तुरंत बाद झाड़ियों में फेंक दिया गया। वहां भूखे कुत्तों ने उसे नोंच-नोंचकर खा लिया। यह दृश्य देखकर गांव वालों की रूह कांप गई।
जानिए पूरी वारदात
घटना बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव की है। बुधवार सुबह गांव के कुछ लोगों ने एक कुत्ते को मुंह में किसी बच्चे का शव दबाए दौड़ते देखा। पहले तो किसी को समझ नहीं आया कि वह क्या है, लेकिन जब पास जाकर देखा तो सभी के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। कुत्ते के मुंह में एक नवजात का शव था।
गांववालों ने शोर मचाया, तो कुत्ता शव छोड़कर भाग गया। जब उन्होंने बच्चे को उठाया, तो उसका शरीर खून से लथपथ था, और एक हाथ पूरी तरह गायब था। बताया जा रहा है कि उसी कुत्ते ने उसका हाथ नोंचकर खा लिया था। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि कई महिलाएं और बुज़ुर्ग रो पड़े।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई
सूचना मिलते ही शीशगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्चे की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई थी। पुलिस का मानना है कि जन्म के वक्त ही या तुरंत बाद बच्चे की मौत हो गई होगी, और फिर उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया।
हालांकि यह भी संभव है कि जिंदा बच्चे को ही फेंका गया हो, क्योंकि शरीर पर कई जगह गहरे घाव और चोटों के निशान थे। पुलिस ने घटनास्थल से डीएनए सैंपल एकत्र किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चे की मां या परिजन कौन हैं।
रात में हुई थी डिलीवरी
पुलिस जांच के मुताबिक, नवजात लड़का था और उसकी डिलीवरी मंगलवार देर रात हुई थी। अभी उसकी नाल भी नहीं कटी थी। यह साफ दिखाता है कि जन्म के तुरंत बाद ही उसे झाड़ियों में फेंका गया। पुलिस अब आस-पास के इलाकों में उन महिलाओं की तलाश कर रही है, जिनकी हाल ही में डिलीवरी हुई हो या जो गर्भवती थीं और अचानक गायब हो गईं।
शीशगढ़ थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। “बच्चे की मौत सिर में लगी चोट से हुई है। हमने डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे हैं। आसपास के गांवों में पूछताछ की जा रही है, जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
गांव में पसरा सन्नाटा
इस वारदात के बाद पूरे बंजरिया गांव में सन्नाटा छा गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भयावह घटना कभी नहीं देखी। गांव के एक बुज़ुर्ग ने कहा,
“जिस मां ने उसे जन्म दिया, उसी ने उसे मरने के लिए छोड़ दिया। इससे बड़ा पाप क्या हो सकता है?”
महिलाओं में गुस्सा और गहरा दुख दोनों था। कुछ ने कहा कि अगर मां किसी मजबूरी में ऐसा कर रही थी, तो कम से कम बच्चे को किसी अस्पताल या मंदिर के बाहर छोड़ देती, जहां उसकी जान बच सकती थी।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस अब इस मामले में हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है। पास के अस्पतालों और क्लीनिकों से भी जानकारी ली जा रही है कि क्या किसी महिला ने पिछले 24 घंटे में बच्चे को जन्म दिया था या गर्भपात करवाने की कोशिश की थी।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यह मामला अवैध संबंध या शादी के बाहर बच्चे के जन्म से जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थितियों में अक्सर लोग समाज के डर से नवजात को छोड़ देते हैं, जो कई बार ऐसी त्रासदियों का कारण बनता है।
क्या इंसानियत नहीं रही ?
क्या किसी का दिल इतना कठोर हो सकता है की ,मासूम से बच्चे को पैदा होने के तुरंत बाद ही झाड़ियों में फेंक दे ?
नवजात बच्चे तो ऐसे होते है की पत्थर दिल को भी अपने प्यारे चेहरे से पिघला दे , तोह फिर कैसे कोई माँ-बाप अपने नवजान शिशु को जन्म के तुरंत बाद ही मरने के लिए फेक दिया!
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक आईना है — जहां हम तकनीक और विकास की बात करते हैं, वहीं एक मासूम को इस तरह मौत के हवाले कर दिया जाता है।
क्या एक नवजात का जीवन इतना सस्ता हो गया है कि उसे कूड़े की तरह फेंक दिया जाए?
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