बहुत गर्म पानी से नहाने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ता है, जिससे ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, हार्ट रेट तेज होती है और ब्लड प्रेशर अस्थिर हो सकता है।
सर्दियों में Hot water bath हर किसी को आराम देता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आराम शरीर की सेहत पर भारी पड़ सकता है। बहुत गर्म पानी से नहाने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ता है, जिससे ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, हार्ट रेट तेज होती है और ब्लड प्रेशर अस्थिर हो सकता है। यही नहीं, गर्म पानी त्वचा की नेचुरल नमी भी चुरा लेता है, जिससे स्किन समस्याओं और हेयर डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि सर्दियों में सोच-समझकर नहाना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत पानी का तापमान शरीर के नेचुरल बैलेंस को बिगाड़ सकता है।
Hot water bath का शरीर पर असर क्या है?
कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. संजीव अग्रवाल बताते हैं कि जब शरीर गर्म पानी के संपर्क में आता है, तो स्किन की सतह पर मौजूद ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं। इससे ब्लड फ्लो अचानक तेज होता है और शरीर कुछ देर के लिए गर्म महसूस करता है।
लेकिन समस्या तब होती है जब नहाने के बाद व्यक्ति ठंडी हवा में आता है इस समय वही वेसल्स अचानक सिकुड़ जाती हैं। यह बदलाव हार्ट, ब्लड प्रेशर और सर्कुलेशन सिस्टम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या सर्कुलेशन डिसऑर्डर है।
गर्म पानी से नहाने के नुकसान क्या हैं?
डर्मेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. निपुण जैन के अनुसार, Hot water bath त्वचा की प्राकृतिक ऑयल लेयर को हटा देता है। परिणामस्वरूप स्किन ड्राई, इरिटेटेड, और डिहाइड्रेटेड हो जाती है।
बार-बार गर्म पानी से नहाने से स्कैल्प पर मौजूद ऑयल भी खत्म होता है, जिससे बाल कमजोर होते हैं, हेयर फॉल बढ़ता है, और डैंड्रफ जैसी समस्याएं गहराती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्म पानी से त्वचा का कोलेजन और इलास्टिन कमजोर होता है। यह वही तत्व हैं जो स्किन को जवान और लचीला बनाए रखते हैं। जब ये कमजोर होते हैं, तब प्रिमेच्योर एजिंग, झुर्रियां, डलनेस और संवेदनशीलता बढ़ जाती है। संवेदनशील स्किन वाले लोगों में एलर्जी, रेडनेस और एग्जिमा जैसी समस्याएं भी ट्रिगर हो सकती हैं।
हार्ट पर कैसे असर डालता है Hot water bath?
डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि गर्म पानी शरीर में वेसोडाइलेशन की प्रक्रिया को सक्रिय करता है अर्थात ब्लड वेसल्स फैलती हैं और हार्ट तेज पंप करता है।
लेकिन जैसे ही व्यक्ति नहाकर बाहर निकलता है, वेसोकॉन्ट्रिक्शन होता है वेसल्स सिकुड़ती हैं और ब्लड प्रेशर अचानक बदल सकता है। यह हार्ट पेशेंट्स, हाई BP वालों और बुजुर्गों के लिए जोखिमभरा हो सकता है।
क्या Hot water bath से बुढ़ापा जल्दी आता है?
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार हाँ। त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म होने से स्किन का टेक्सचर खराब होता है। इलास्टिन और कोलेजन की क्षति की वजह से झुर्रियां, रूखापन, ढीलापन और त्वचा का प्राकृतिक ग्लो खत्म होने लगता है। यह बदलाव उस समय और तेज होते हैं जब व्यक्ति रोजाना लंबे समय तक गर्म पानी से स्नान करता है।
बालों पर क्यों असर पड़ता है?
गर्म पानी स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स को धो देता है। ये ऑयल्स बालों को मजबूती, नमी, और सुरक्षा प्रदान करते हैं। जब यह परत हटती है, स्कैल्प ड्राई होता है और बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। यह समस्या उन लोगों में ज्यादा दिखती है जो सर्दियों में रोजाना गर्म पानी से बाल धोते हैं।
सर्दियों में पानी का सही तापमान क्या है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि न गुनगुना से ज्यादा, न ठंडा, बस इतना कि शरीर सहज महसूस करे।
बहुत ठंडा पानी शरीर को शॉक दे सकता है
बहुत गर्म पानी त्वचा और हार्ट को प्रभावित कर सकता है। सबसे सुरक्षित तरीका रनिंग वॉटर, यानी ताजा बहता पानी, जिसका तापमान शरीर को हल्की गर्माहट दे लेकिन जलन नहीं पैदा करे।
सर्दियों में नहाने के हेल्दी तरीके
डॉक्टर सलाह देते हैं
5–10 मिनट से ज्यादा न नहाएं
हमेशा हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें
नहाने के बाद तुरंत मॉइश्चराइजर लगाएं
हार्श साबुन की बजाय हाइड्रेटिंग क्लेंजर चुनें।
जिनकी स्किन ड्राई है, उन्हें
घर में ह्यूमिडिफायर का उपयोग,
गुनगुने पानी से स्नान,
पानी ज्यादा पीना,
और ठंडी हवा से स्किन को कवर रखना चाहिए।
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