India Bangladesh Diesel Price Fact Check: क्या भारत अपने लोगों से महँगा और बांग्लादेश को सस्ता डीजल बेच रहा है?
India Bangladesh diesel price fact check: जानिए क्या भारत अपने लोगों से महँगा और बांग्लादेश को सस्ता डीजल बेच रहा है। पूरा सच, taxes और bulk deal की व्याख्या।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक दावा तेज़ी से वायरल हुआ—
भारत में आम नागरिक ₹90 के आसपास डीजल खरीद रहा है, जबकि बांग्लादेश को वही डीजल ₹49.70 प्रति लीटर में दिया जा रहा है।
इस तुलना के साथ यह सवाल भी उठाया गया कि क्या सरकार अपने ही नागरिकों के साथ अन्याय कर रही है।
लेकिन क्या यह दावा पूरी सच्चाई दिखाता है?
आइए इस पूरे मामले को तथ्यों और आर्थिक गणना के आधार पर समझते हैं।
विवाद की शुरुआत कहाँ से हुई?
जनवरी की शुरुआत में एक आधिकारिक जानकारी सामने आई कि बांग्लादेश भारत से 1.8 लाख टन डीजल खरीदेगा।
इस सौदे की कुल कीमत लगभग 14.62 अरब टका बताई गई।
यहीं से सोशल मीडिया पर गणना शुरू हुई—
कुछ लोगों ने टन को लीटर में बदला, फिर कुल कीमत को कुल लीटर से भाग दिया और निष्कर्ष निकाला कि
बांग्लादेश को डीजल ₹49.7 प्रति लीटर के आसपास मिल रहा है।
यही आंकड़ा देखते ही लोगों में नाराज़गी फैल गई।
सबसे पहली सच्चाई: यह कोई नई डील नहीं है
यह समझना ज़रूरी है कि यह सौदा अचानक नहीं हुआ है।
India Bangladesh diesel agreement साल 2017 में हुआ था, जिसकी अवधि 15 साल की है।
इस समझौते के तहत:
- डीजल की आपूर्ति सरकार-से-सरकार होती है
- भारत की रिफाइनरी से सीधे बांग्लादेश की सरकारी तेल कंपनी को सप्लाई होती है
- यह थोक व्यापार है, न कि रिटेल बिक्री
यानी यह सौदा पेट्रोल पंप पर मिलने वाले डीजल से बिल्कुल अलग प्रकृति का है।
₹49.70 प्रति लीटर की गणना में क्या गलती है?
सोशल मीडिया पर की गई गणना अधूरी है।
क्योंकि इसमें कई अहम घटक शामिल ही नहीं किए गए।
इस कीमत में शामिल नहीं हैं:
- भारत के अंदर लगने वाले taxes
- retail margin
- dealer commission
- उपभोक्ता स्तर की लागत
यह दर consumer price नहीं, बल्कि government-to-government bulk price है।
भारत में डीजल की असली लागत क्या है?
भारत में डीजल की कीमत को तीन हिस्सों में समझा जा सकता है:
Refinery price
रिफाइनरी से निकलने वाले डीजल की लागत लगभग ₹56–57 प्रति लीटर होती है।Central government excise duty
इसके ऊपर केंद्र सरकार का excise duty जुड़ता है।State government VAT और अन्य charges
राज्यों का VAT, cess और डीलर का कमीशन जुड़ने के बाद
कीमत ₹88, ₹90 या ₹92 तक पहुंचती है।
इसका मतलब साफ है—
आप जो ₹90 चुकाते हैं, उसका बड़ा हिस्सा taxes का होता है, न कि डीजल की मूल लागत का।
तो क्या बांग्लादेश को सच में सस्ता डीजल मिल रहा है?
इस सवाल का जवाब हाँ भी है और नहीं भी।
हाँ, क्योंकि:
- बांग्लादेश सरकार थोक में खरीद रही है
- उस पर भारत जैसे taxes नहीं लगते
नहीं, क्योंकि:
- बांग्लादेश में भी आम जनता को diesel taxes जोड़कर महँगा ही मिलता है
- वहाँ भी retail price अलग होता है
यानी बांग्लादेश का आम नागरिक ₹49.70 में डीजल नहीं खरीद रहा।
क्या भारत इस डील में नुकसान उठा रहा है?
नहीं।
असल में भारत इस सौदे में घाटे में नहीं, फायदे में है।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- भारत यह डीजल international market rate से ऊपर बेच रहा है
- इसमें premium pricing शामिल है
- इससे भारत को:
- स्थिर export revenue मिलता है
- पड़ोसी देश के साथ energy cooperation मज़बूत होता है
असली सवाल क्या होना चाहिए?
असल मुद्दा यह नहीं है कि बांग्लादेश को कितने में डीजल मिला।
असल सवाल यह है:
- क्या भारत में पेट्रोल और डीजल पर taxes बहुत ज़्यादा हैं?
- क्या fuel taxation structure में सुधार की ज़रूरत है?
यह एक policy debate है, और इस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
लेकिन अधूरी गणना और गलत तुलना के आधार पर यह कहना कि
सरकार अपने लोगों से महँगा और पड़ोसी से सस्ता बेच रही है—
यह पूरी सच्चाई नहीं दिखाता।
Social Media Claims बनाम Ground Reality
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि:
- AI tools और calculators से निकाले गए आंकड़े
- अगर context के बिना फैलें
तो वे भ्रम पैदा कर सकते हैं।
हर price comparison में यह समझना ज़रूरी है कि:
- retail और bulk price अलग होते हैं
- taxes हर देश में अलग होते हैं
- government trade और consumer sale की nature अलग होती है
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