UK rape case: London में नाबालिक संग पाकिस्तानियों ने किया रेप, grooming gang का शिकार बनी 14 साल की किशोरी
UK rape case: ब्रिटेन में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर गहराती नजर आ रही है। पश्चिमी London के हाउंसलो इलाके में सामने आई एक हालिया घटना ने देश की कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और सामुदायिक सुरक्षा तंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 14 वर्षीय सिख किशोरी को कथित तौर पर प्रेमजाल में फंसाकर एक फ्लैट में बंधक बनाया गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय का तीखा विरोध सामने आया, जिसके दबाव में पीड़िता को रिहा किया गया।
क्या है UK rape case का पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक युवक ने किशोरी से संपर्क बढ़ाया और भरोसा जीतकर उसे मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां कई घंटों तक अपराध को अंजाम दिया गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन त्वरित कार्रवाई न होने के आरोप लगाए गए। हालात तब बदले जब सिख समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर कथित फ्लैट के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। कई घंटों के दबाव के बाद किशोरी को बाहर निकाला गया और उसे चिकित्सकीय सहायता दी गई।
200 सिख एक साथ जुटे
UK rape case की सूचना फैलते ही वेस्ट लंदन में सिख समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। करीब 200 से अधिक सिखों के जुटने की खबर है। प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग की और पुलिस से त्वरित, निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की। समुदाय का कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप होता, तो हालात इस हद तक नहीं बिगड़ते। वहीं, पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और जांच जारी रखने की बात कही है।
grooming gang क्या है और कैसे काम करता है?
ब्रिटेन में ‘grooming gang’ शब्द उन संगठित अपराध नेटवर्क्स के लिए इस्तेमाल होता है, जो नाबालिगों को भावनात्मक तौर पर फंसाकर उनका शोषण करते हैं। पिछले एक दशक में रोदरहैम, टेलफोर्ड, रोचडेल जैसे शहरों में ऐसे मामलों की जांच और मुकदमे सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये नेटवर्क अक्सर भरोसा जीतने, महंगे उपहारों का लालच देने, नशे की लत डालने और फिर ब्लैकमेलिंग जैसे तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। पीड़ितों में अधिकांश नाबालिग होती हैं, जो सामाजिक दबाव या डर के कारण शिकायत करने से हिचकती हैं।
पुलिस पर उठे सवाल
हाउंसलो मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर आलोचना तेज है। परिवार का दावा है कि शुरुआती शिकायत के बाद भी कार्रवाई में देरी हुई। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है, संदिग्धों की पहचान की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय सबसे अहम होता है—पीड़िता की सुरक्षा, मेडिकल एग्ज़ामिनेशन और सबूतों का संरक्षण तुरंत होना चाहिए।
कानूनी ढांचा और सजा
ब्रिटेन में नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए कड़े कानून हैं। ‘सेक्शुअल ऑफेन्सेस एक्ट’ के तहत दोष सिद्ध होने पर लंबी कैद की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, पीड़ितों के लिए काउंसलिंग, कानूनी सहायता और पुनर्वास योजनाएं भी मौजूद हैं। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर लागू करने और पीड़ितों का भरोसा जीतने की चुनौती बनी हुई है।







