Indians return from Iran: ईरान हिंसा के बीच फंसे भारतीय लौटे भारत, दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए
Indians return from Iran: ईरान में जारी भीषण हिंसा और अस्थिर हालात के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात सुरक्षित भारत लौट आए। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जैसे ही ये लोग पहुंचे, अपने परिवारों को देखकर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कई लोग अपनों से गले लगकर रोते नजर आए। लौटने वालों में बड़ी संख्या छात्रों की है, जिनमें मेडिकल और अन्य कोर्स में पढ़ाई कर रहे युवा शामिल हैं।
कुछ भारतीय नागरिक भारत सरकार की पहल और सलाह के बाद स्वदेश लौटे, जबकि कई लोग निजी उड़ानों के ज़रिये अपने खर्च पर भारत पहुंचे। एयरपोर्ट पर मौजूद लौटे नागरिकों ने ईरान में बीते खौफनाक दिनों की आपबीती साझा की और बताया कि वहां हालात किस हद तक बिगड़ चुके थे।
ईरान से लौटे छात्र क्या कह रहे है?
ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा कि वहां स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। “प्रदर्शन लगातार हिंसक हो रहे थे। कई जगहों पर हालात इतने खराब थे कि बाहर निकलने में डर लगता था। आए दिन गोलियों की आवाज़ें सुनाई देती थीं,” उसने बताया।
एक अन्य भारतीय छात्र ने कहा कि वे करीब एक महीने तक ईरान में फंसे रहे। “शुरुआत में लगा कि हालात सामान्य हो जाएंगे, लेकिन पिछले एक-दो हफ्तों में स्थिति बेकाबू हो गई। जब भी हम बाहर जाते थे, प्रदर्शनकारी हमारी गाड़ी के सामने आ जाते थे और परेशान करते थे,” उसने कहा।
Indians return from Iran ने सुनाई संघर्ष की कहानी
ईरान से लौटी मेडिकल छात्रा अर्श दहरा ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने हालात की गंभीरता को देखते हुए निजी फ्लाइट से लौटने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “इंटरनेट सेवाएं बंद थीं। परिवार से संपर्क टूट गया था। डर और अनिश्चितता के बीच हर दिन काटना मुश्किल हो रहा था।”
एक अन्य छात्र ने कहा कि इंटरनेट बंद होने की वजह से वे न तो अपने घरवालों से बात कर पा रहे थे और न ही भारतीय दूतावास से संपर्क संभव हो पा रहा था। “हम पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए थे,” उसने कहा।
3000 से अधिक लोगो की मौत
ईरान में हालिया हिंसा की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई थी। देश की मुद्रा ‘रियाल’ के ऐतिहासिक स्तर तक गिरने और बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन देशभर में फैल गए और ईरान के सभी 31 प्रांत इसकी चपेट में आ गए।
इन प्रदर्शनों ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरने वालों में अधिकांश लोग गोली लगने से मारे गए हैं।
एयरस्पेस बंद होने से फंसे नागरिक
Iran protests 2025 के बिगड़ते हालात के बीच ईरान ने 14 जनवरी को अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। इसके बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह जारी की।
15 जनवरी को ईरान द्वारा एयरस्पेस फिर से खोले जाने के बाद कई भारतीय नागरिक भारत लौटने में सफल रहे। हालांकि, उड़ानों की कमी और अस्थिर हालात के कारण सभी लोगों की वापसी एक साथ संभव नहीं हो सकी।
MEA बोला- ईरान में करीब 9,000 भारतीय मौजूद
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान में ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं। उन्होंने बताया कि हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को उपलब्ध साधनों के ज़रिये ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।
दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन और एडवाइजरी
Iran protests 2025 में हालात और अधिक बिगड़ने की आशंका को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही, वहां मौजूद भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखें।
भारतीय दूतावास ने मदद के लिए कई हेल्पलाइन नंबर और एक ईमेल आईडी जारी की है। जरूरत पड़ने पर नागरिक मोबाइल नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359 या ईमेल cons.tehran@mea.gov.in
पर संपर्क कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन कराने की अपील
दूतावास ने ईरान में मौजूद उन सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है, जिन्होंने अब तक भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करें। यदि इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण ईरान में रह रहे नागरिक पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, तो भारत में मौजूद उनके परिवार के सदस्य उनकी ओर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच बातचीत
बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ईरान के मौजूदा हालात और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। भारत सरकार की यह एडवाइजरी उस समय सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान सरकार प्रदर्शनों को हिंसा के जरिए दबाने की कोशिश जारी रखती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है।






