प्रयागराज में सेना का एक ट्रेनी विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और शहर के बीचोंबीच एक तालाब में जा गिरा
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सेना का एक ट्रेनी विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और शहर के बीचोंबीच एक तालाब में जा गिरा। Prayagraj plane crash माघ मेले से महज करीब तीन किलोमीटर दूर, केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जहां उस समय सामान्य जनजीवन चल रहा था। तेज आवाज और आसमान में डगमगाते विमान को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हवा में डगमगाया और तालाब में गिरा विमान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान अचानक हवा में कुलांचे खाने लगा और कुछ ही सेकंड में उसका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते वह नीचे मौजूद दलदली तालाब में जा गिरा। Prayagraj plane crash के वक्त तालाब के आसपास लोग मौजूद थे, जबकि पास में कॉलेज परिसर और रिहायशी इलाका भी है। सौभाग्य से विमान किसी रिहायशी मकान या भीड़भाड़ वाले क्षेत्र पर नहीं गिरा, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
दोनों पायलट सुरक्षित, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और सेना का एक हेलिकॉप्टर भी घटनास्थल पर भेजा गया। राहत की बात यह रही कि रेस्क्यू टीम ने विमान में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पैराशूट से कूदे सवार, दलदल में फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि क्रैश से ठीक पहले एयरक्राफ्ट से तीन लोग पैराशूट के सहारे नीचे कूदे थे। वे तालाब में उतरे और दलदली जमीन में फंस गए। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उन्हें बाहर निकाला। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान में कुल कितने लोग सवार थे। अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में स्थिति जांच पूरी होने के बाद साफ होगी।
दलदली तालाब बना रेस्क्यू में चुनौती
हादसे वाली जगह पर चारों ओर जलकुंभी और दलदली मिट्टी फैली हुई है, जिससे रेस्क्यू टीम को एयरक्राफ्ट तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भारी उपकरणों और वाहनों को तालाब के पास ले जाना मुश्किल था। इसी कारण सेना और प्रशासन ने वैकल्पिक तरीकों से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
‘रॉकेट जैसी आवाज’ से दहला इलाका
घटना के समय केपी कॉलेज के पास बच्चे खेल रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अचानक आसमान से रॉकेट जैसी तेज आवाज सुनाई दी। जब लोग आवाज की दिशा में भागे, तो देखा कि विमान तालाब में गिर चुका था। एक अन्य चश्मदीद के मुताबिक, विमान ने हवा में अपना नियंत्रण खो दिया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ। दो घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
माघ मेले से थोड़ी दूर हुआ Prayagraj plane crash
इन दिनों प्रयागराज में माघ मेले के चलते भारी भीड़ मौजूद है। ऐसे में इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे वाली जगह मेला क्षेत्र से कुछ दूरी पर है और किसी श्रद्धालु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
जांच के बाद होगी आधिकारिक पुष्टि
फिलहाल Prayagraj plane crash के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वायुसेना के अधिकारी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की है।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान भी जोखिम बना रहता है। राहत की बात यह है कि समय पर रेस्क्यू और स्थानीय लोगों की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया।
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