हिन्दू छात्रा को 5 मुस्लिम लड़कियों ने पहनाया बुर्का,
Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक विवादित मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। आरोप है कि एक नाबालिग हिंदू छात्रा को उसकी ही स्कूल में पढ़ने वाली पांच मुस्लिम छात्राओं ने कथित तौर पर जबरन बुर्का पहनाया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांचों छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह मामला उस वक्त चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सड़क पर कुछ छात्राएं एक अन्य लड़की को बुर्का पहनाते हुए दिखाई दे रही हैं। वीडियो की प्रामाणिकता और परिस्थितियों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो को सबूत के तौर पर केस डायरी में शामिल किया गया है और सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
नाबालिग छात्रा का आरोप ‘धर्म बदलने के लिए दबाव’
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बिलारी कस्बे के शाहकुंज कॉलोनी में एक शिक्षक के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। उसी ट्यूशन में पढ़ने वाली पांच अन्य छात्राओं के साथ उसका संपर्क बढ़ा।
पीड़िता के भाई का आरोप है कि “मेरी बहन को धीरे-धीरे मानसिक रूप से प्रभावित किया जाने लगा। उससे कहा जाता था कि अगर वह इस्लाम स्वीकार कर लेगी तो उसकी ज़िंदगी बदल जाएगी।”
परिवार का दावा है कि छात्रा को कथित रूप से बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया गया और उसके धार्मिक विश्वासों को लेकर नकारात्मक बातें कही गईं।
पुलिस में दर्ज हुई शिकायत, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। चूंकि सभी छात्राएं नाबालिग हैं, इसलिए मामले को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के तहत भी देखा जा रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “मामले में सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। वीडियो, कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी।”
धर्मांतरण के आरोपों पर प्रशासन सतर्क
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि यह घटना किसी संगठित साजिश का हिस्सा हो सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस एंगल की भी जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी संगठन की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना सबूत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
स्कूल और ट्यूशन सेंटर की भूमिका भी जांच के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि
- छात्राओं के बीच यह विवाद कैसे शुरू हुआ
- क्या किसी शिक्षक या बाहरी व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका थी
- ट्यूशन सेंटर में इस तरह की गतिविधियों की जानकारी पहले क्यों नहीं मिली
जरूरत पड़ने पर स्कूल प्रशासन और ट्यूशन संचालक से भी पूछताछ की जा सकती है।
हिंदू संगठनों में नाराज़गी, शांति बनाए रखने की अपील
मामले के सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने नाराज़गी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: नाबालिगों के मामलों में संवेदनशीलता ज़रूरी
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में संवेदनशील और संतुलित रवैया अपनाना बेहद जरूरी है। जांच के दौरान बच्चों की काउंसलिंग, परिवार की भूमिका और सामाजिक माहौल को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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