BRO rescue operation Jammu Kashmir: 40 घंटे की जंग, बर्फ के आगे नहीं झुका बीआरओ! 60 लोगों की सुरक्षित वापसी
BRO rescue operation Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हो गईं, वहीं कुछ इलाकों में हिमस्खलन (एवलांच) की घटनाओं से दहशत का माहौल बन गया। इसी बीच बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने भदेरवाह-चटरगला मार्ग पर एक बड़ा और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर राहत की खबर दी है।
40 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद खुला भदेरवाह-चटरगला मार्ग
भारी बर्फबारी के कारण भदेरवाह-चटरगला सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी। यह मार्ग करीब 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित चटरगला दर्रे से होकर गुजरता है, जहां 23 जनवरी को पांच से छह फीट तक बर्फ जम गई थी। इससे इलाके का संपर्क पूरी तरह टूट गया था।
बीआरओ ने 24 जनवरी की सुबह 6:30 बजे बर्फ हटाने का काम शुरू किया, जो लगातार लगभग 40 घंटे तक चला। इस दौरान बीआरओ की टीमों ने करीब 38 किलोमीटर लंबी सड़क से भारी बर्फ हटाई। आखिरकार 25 जनवरी की शाम तक यह अहम मार्ग दोबारा खोल दिया गया।
60 लोग सुरक्षित निकाले गए
सड़क खुलने के साथ ही एक बड़ी राहत की खबर सामने आई। इस मार्ग पर फंसे 4 राष्ट्रीय राइफल्स के 40 जवानों को उनके हथियारों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा सड़क बंद होने की वजह से फंसे 20 आम नागरिकों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन भारतीय सेना के साथ समन्वय में किया गया और 26 जनवरी की सुबह 2:30 बजे तक बिना किसी हताहत के सफलतापूर्वक पूरा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान बीआरओ के प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अंजाम दिया गया।
बीआरओ ने फिर साबित की अपनी अहम भूमिका
अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बीआरओ दुर्गम और जोखिम भरे इलाकों में न सिर्फ बुनियादी ढांचे को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि आपदा के समय मानवीय सहायता पहुंचाने में भी अग्रणी रहता है।
बीआरओ ने दूर-दराज के इलाकों में संपर्क बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका आदर्श वाक्य “श्रमणा सर्वम साध्यम” (कड़ी मेहनत से सब कुछ संभव है) इस मिशन में पूरी तरह चरितार्थ हुआ है।
सोनमर्ग में आधी रात को भीषण हिमस्खलन
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग इलाके से एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई। लगातार हो रही बर्फबारी के बीच मंगलवार रात करीब 10:12 बजे मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सोनमर्ग रिजॉर्ट क्षेत्र में अचानक भीषण एवलांच आया।
यह हिमस्खलन उस इलाके में हुआ, जहां इंटर माउंटेन सोनमर्ग और सोनमर्ग इन होटल स्थित हैं। तेज आवाज के साथ भारी मात्रा में बर्फ नीचे की ओर खिसक आई, जिससे आसपास का इलाका कुछ ही पलों में सफेद चादर में ढक गया। कई होटलों को नुकसान पहुंचा है।
राहत की बात, कोई हताहत नहीं
राहत की बात यह रही कि अब तक इस हिमस्खलन में किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बचाव दलों को सतर्क मोड पर रखा गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में चिंता और बढ़ गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने पहले ही जम्मू-कश्मीर और अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए एवलांच अलर्ट जारी किया था। खराब मौसम और लगातार बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल सोनमर्ग समेत कई इलाकों में आवाजाही सीमित कर दी है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर बीआरओ का रेस्क्यू ऑपरेशन राहत और भरोसे की मिसाल बना है, वहीं दूसरी ओर मौसम की चुनौती अभी भी बनी हुई है। ऐसे में सतर्कता और त्वरित राहत कार्य ही जान-माल की सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा है।
यह भी पढ़े






