Gorakhpur spa center case: इंस्टाग्राम का भरोसा बना जाल, गोरखपुर स्पा कांड में पुलिस पर बड़ी कार्रवाई
Gorakhpur spa center case: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया किशोरी रेप कांड न सिर्फ एक गंभीर अपराध की कहानी है, बल्कि यह सोशल मीडिया के जरिए बनते रिश्तों की खतरनाक सच्चाई भी उजागर करता है। इस मामले में अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की गई है। लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप में एक इंस्पेक्टर समेत पांच चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है।
सीएम योगी के निर्देश के बाद कड़ा एक्शन
गोरखनाथ क्षेत्र की किशोरी से रेप कर उसे अलग-अलग स्पा सेंटरों में भेजे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद गोरखपुर एसएसपी राजकरन नय्यर ने त्वरित कदम उठाते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की।
निलंबित किए गए अधिकारियों में फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज प्रशांत पाठक, बेतियाहाता चौकी प्रभारी अमरेश सिंह, बड़हलगंज कस्बा इंचार्ज राजीव तिवारी, उनवल चौकी प्रभारी आदित्य उपाध्याय और विवेचक विकास नगर चौकी इंचार्ज अनूप सिंह शामिल हैं। इसके साथ ही गोरखनाथ थाने के पूर्व इंस्पेक्टर शशिभूषण राय को भी निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, 5 जनवरी को किशोरी अपने घर से निकली थी। वह इंस्टाग्राम पर संपर्क में आए एक युवक के झांसे में आ गई थी। आरोपी युवक पेशे से बाल काटने का काम करता था, लेकिन उसने खुद को हाई-फाई और प्रभावशाली दिखाकर किशोरी का भरोसा जीत लिया।
इसके बाद वह किशोरी को करीमनगर के एक होटल ले गया। वहां से उसे बेतियाहाता इलाके में बिना बोर्ड के चल रहे एक स्पा सेंटर भेज दिया गया। तीन दिन तक वहां रखने के बाद किशोरी को बड़हलगंज के एक अन्य स्पा सेंटर में पहुंचाया गया। इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।
अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार, एक नेपाल फरार
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ और संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। बताया जा रहा है कि होटल मालिक अभय का एक साथी नेपाल भाग गया है, जिसकी तलाश की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि होटल और स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियों का एक संगठित नेटवर्क चल रहा था।
किशोरी का किया गया माइंडवॉश
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि किशोरी का लगातार माइंडवॉश किया गया था। आरोपी युवक ने उसे भावनात्मक रूप से अपने प्रभाव में ले लिया था, जिसके चलते वह एक जगह से दूसरी जगह जाती रही। किशोरी 10 जनवरी को अपने कथित बॉयफ्रेंड के साथ एक मॉल में फिल्म देखने भी गई थी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में जबरदस्ती के सीधे प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह मामला भावनात्मक शोषण, बहला-फुसलाकर अपराध और गैंग की साजिश से जुड़ा है।
कोर्ट में दर्ज हुआ बयान
किशोरी का बयान कोर्ट में दर्ज कराया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, उसने अदालत के सामने कई आरोपियों के नाम बताए हैं। बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक बार फिर अवैध स्पा सेंटरों पर सख्ती बढ़ा दी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गोरखपुर में इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 10 जनवरी 2024 को एक 12 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर शाहपुर इलाके के एक हुक्का बार ले जाया गया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। उस मामले में भी आरोपी जेल भेजे गए थे, लेकिन कुछ समय बाद मामला शांत पड़ गया।
अब एक बार फिर अवैध स्पा सेंटर और हुक्का बार को लेकर प्रशासन और पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।
लंबे समय बाद पुलिस पर बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर में लंबे समय बाद एक साथ छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इससे पहले पिपराइच क्षेत्र में तस्करों द्वारा एक छात्र की हत्या के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
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