Rahul Gandhi ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक कथित अनपब्लिश्ड आत्मकथा का हवाला देते हुए दावा किया कि डोकलाम में चीनी टैंक भारतीय सीमा में दाखिल हो गए थे
Rahul Gandhi Lok Sabha Speech: लोकसभा में सोमवार को उस वक्त जोरदार हंगामा देखने को मिला, Rahul Gandhi Lok Sabha Speech के दौरान डोकलाम विवाद और चीन से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा उठाया। Rahul Gandhi ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक कथित अनपब्लिश्ड आत्मकथा का हवाला देते हुए दावा किया कि डोकलाम में चीनी टैंक भारतीय सीमा में दाखिल हो गए थे। इस बयान के बाद सदन का माहौल पूरी तरह गर्म हो गया और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
Rahul Gandhi Lok Sabha Speech और विवाद की शुरुआत
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि वह एक मैगजीन में प्रकाशित लेख का हवाला दे रहे हैं, जिसमें पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा का उल्लेख किया गया है। राहुल के मुताबिक, इस किताब में कहा गया है कि डोकलाम के दौरान चार चीनी टैंक भारत की सीमा में लगभग 100 मीटर अंदर तक आ गए थे।
Rahul Gandhi ने कहा कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह कोई मनगढ़ंत बात नहीं कर रहे, बल्कि प्रकाशित सामग्री के आधार पर सदन में अपनी बात रख रहे हैं।
राजनाथ सिंह और अमित शाह ने उठाए सवाल
Rahul Gandhi के बयान के तुरंत बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हो गए और उन्होंने सवाल किया कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है, क्या वह वास्तव में प्रकाशित हुई है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि यह बात सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है, तो इसका उल्लेख संसद में नहीं किया जाना चाहिए।
इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह भी चर्चा में शामिल हो गए। शाह ने कहा कि राहुल गांधी जिस जानकारी का हवाला दे रहे हैं, वह केवल एक मैगजीन रिपोर्ट है और जनरल नरवणे ने खुद इस तरह का कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि मैगजीन में छपी बातों को आधिकारिक दस्तावेज नहीं माना जा सकता।
स्पीकर की सख्ती और कार्यवाही का स्थगन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने Rahul Gandhi को नियमों का हवाला देते हुए टोका। उन्होंने कहा कि सदन में केवल प्रमाणिक और प्रकाशित दस्तावेजों का ही उल्लेख किया जा सकता है। ओम बिरला ने राहुल से आग्रह किया कि वे अपनी बात नियमों के तहत रखें, क्योंकि वह विपक्ष के नेता हैं और उनसे अधिक जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।
राहुल गांधी ने इस पर जवाब दिया कि जानकारी “शत-प्रतिशत ऑथेंटिक” है और अगर किताब प्रकाशित नहीं हो पा रही है, तो इसके पीछे भी सवाल उठते हैं। बढ़ते हंगामे के बीच स्पीकर ने राहुल गांधी का माइक बंद करने का निर्देश दिया और लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे तक और फिर शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष का समर्थन, सत्ता पक्ष का विरोध
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने Rahul Gandhi का समर्थन करते हुए कहा कि चीन से जुड़ा मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है और अगर देश की सुरक्षा से संबंधित कोई जानकारी है, तो उसे सुना जाना चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अध्यक्ष पहले ही रूलिंग दे चुके हैं और उसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
कौन-सी है विवादित किताब?
जिस किताब का हवाला देकर राहुल गांधी ने दावा किया, उसका नाम ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ बताया गया है। यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा लिखी गई आत्मकथा है। जानकारी के अनुसार, यह पुस्तक अभी तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है। हालांकि इसका हार्डकवर संस्करण अप्रैल 2024 से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर लिस्टेड बताया जा रहा है।
इस किताब में भारत-चीन सीमा विवाद, 2020 की गलवान झड़प, सेना के आंतरिक अनुभवों और अग्निवीर योजना पर विचार शामिल बताए जाते हैं। जनरल नरवणे ने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने अपनी किताब पेंग्विन पब्लिशर ग्रुप को सौंप दी है और यह प्रकाशन समूह तथा सरकार के बीच मंजूरी की प्रक्रिया में है।
राजनीतिक मायने और आगे की बहस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक किताब या बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संसदीय नियमों से जुड़ा बड़ा सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
Budget 2026 Political Reactions: Budget 2026 को लेकर देश बड़े राजनेताओं ने क्या कुछ कहा? यहाँ पढ़िए






