मणिपुर की राजनीति में एक अहम मोड़ पर बीजेपी विधायक युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार शाम लोक भवन में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
Manipur New CM: मणिपुर की राजनीति में एक अहम मोड़ पर बीजेपी विधायक युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार शाम लोक भवन में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले ही केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। इसके साथ ही करीब एक साल से चले आ रहे राजनीतिक ठहराव का अंत हुआ और राज्य में निर्वाचित सरकार की वापसी हुई।
Yumnam Khemchand Singh को इससे एक दिन पहले ही बीजेपी विधायक दल का निर्विरोध नेता चुना गया था। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए शपथ ग्रहण समारोह की जानकारी साझा करते हुए इसे राज्य में शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
एनडीए सरकार के गठन का दावा, राज्यपाल को सौंपा समर्थन पत्र
मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले Yumnam Khemchand Singh ने बुधवार को ही मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के गठन का समर्थन पत्र सौंपा। इस दौरान बीजेपी महासचिव तरुण चुघ, पूर्वोत्तर राज्यों के समन्वयक संबित पात्रा सहित एनडीए के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीजेपी का दावा है कि नई सरकार राज्य में सुशासन, विकास और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देगी।
कुकी बच्ची के साथ तस्वीर और भरोसे की राजनीति
Yumnam Khemchand Singh के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही एक पुरानी तस्वीर फिर से चर्चा में आ गई है। एक तस्वीर दिसंबर 2024 में उखरूल ज़िले के एक कुकी गांव के राहत शिविर की है, जहां खेमचंद सिंह एक छोटी कुकी बच्ची को गोद में लिए दिखाई दिए थे।
3 मई 2023 को भड़की जातीय हिंसा के बाद यह पहला मौका था जब किसी मैतेई नेता ने कुकी विस्थापितों के बीच जाकर उनकी पीड़ा को समझने की कोशिश की थी। बीते 21 महीनों में न तो किसी वरिष्ठ नेता ने ऐसा कदम उठाया और न ही ऐसी कोई तस्वीर सामने आई थी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यही वजह है कि मौजूदा हालात में खेमचंद सिंह को कुकी-ज़ो समुदाय में अपेक्षाकृत कम विरोध झेलना पड़ रहा है।
क्यों Yumnam Khemchand Singh बने Manipur New CM?
मणिपुर की राजनीति को दशकों से कवर कर रहे वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप फंजौबम के अनुसार, “बीजेपी के भीतर खेमचंद सिंह के नाम पर आम सहमति थी। पार्टी जानती थी कि मौजूदा परिस्थितियों में वे ऐसे मैतेई नेता हैं जिनका कुकी और नगा समुदाय में भी विरोध अपेक्षाकृत कम है। साथ ही वे बीजेपी और आरएसएस—दोनों के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन से बाहर निकलने के लिए बीजेपी को एक ऐसा चेहरा चाहिए था जो टकराव से ज्यादा संवाद का प्रतीक हो।
कुकी इनपी की आपत्ति
हालांकि, कुकी समुदाय की प्रमुख संस्था कुकी इनपी ने नई सरकार को लेकर सवाल भी उठाए हैं। संस्था के प्रवक्ता लुन किपगेन का कहना है कि खेमचंद सिंह भले ही अपेक्षाकृत उदार माने जाते हों, लेकिन हिंसा के दौरान उनकी भूमिका पर सवाल उठते हैं। उनका कहना है, “जब पिछली सरकार के दौरान सत्ता का दुरुपयोग हो रहा था, तब ये उदार नेता कहां थे? मुख्यमंत्री कोई भी बने, कुकी-ज़ो समुदाय के लिए ज़मीनी हालात नहीं बदले हैं।” हालांकि यह भी अहम है कि बीजेपी विधायक दल की बैठक के दौरान पार्टी के 7 कुकी-ज़ो विधायकों में से 5 बैठक में मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री की शपथ और राजनीतिक संकेत
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांगपोकपी विधानसभा क्षेत्र से विधायक नेमचा किपगेन ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नेमचा किपगेन इससे पहले भी मंत्री रह चुकी हैं और कुकी समुदाय में उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जाती है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में कुकी और नगा समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी विचार किया गया है।
शिक्षक से मुख्यमंत्री तक
पेशे से शिक्षक रहे Yumnam Khemchand Singh ने राजनीति में कदम 2002 में रखा। 2013 में वे बीजेपी में शामिल हुए और 2017 में पहली बीजेपी सरकार के दौरान मणिपुर विधानसभा के पहले स्पीकर बने।
2022 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। राजनीति से इतर, खेमचंद सिंह पारंपरिक ताइक्वांडो में 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं।
चुनौतियों से भरा कार्यकाल
राजनीतिक विश्लेषक समीर के पुरकायस्थ के अनुसार, “नई सरकार ऐसे राज्य में काम शुरू कर रही है जो सामाजिक रूप से बंटा हुआ है, जहां विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और भरोसे का संकट गहरा है।” उनका कहना है कि नई सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा भरोसा बहाल करना होगी—चाहे वह मैतेई हों, कुकी हों या नगा समुदाय।
राष्ट्रपति शासन की समाप्ति और आगे की राह
पिछले साल 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसकी मियाद अब समाप्ति की ओर थी। 60 सदस्यीय विधानसभा अभी सस्पेंडेड एनीमेशन में है और उसका कार्यकाल 2027 तक है, यानी बिना नए चुनाव के सरकार बहाल की जा सकती है। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि युमनाम खेमचंद सिंह की अगुवाई में नई सरकार क्या मणिपुर को हिंसा से स्थिरता की ओर ले जा पाएगी या नहीं।
Mamata in Supreme Court: “चुनाव से पहले बंगाल को टारगेट किया जा रहा है”, SIR के नाम पर नाम कटेंगे?
MM Naravane की अप्रकाशित किताब क्या है और क्यों इसे पढ़ने पर लोकसभा में हुआ हंगामा?







