पुलिस ने पालक्काड शहर के नज़दीक एक पिक-अप वैन से विस्फोटकों से भरे 100 से अधिक बॉक्स जब्त किए हैं।
Kerala Explosives Seizure: केरल के पालक्काड जिले से एक चौंकाने वाली और गंभीर सुरक्षा से जुड़ी घटना सामने आई है। पुलिस ने पालक्काड शहर के नज़दीक एक पिक-अप वैन से विस्फोटकों से भरे 100 से अधिक बॉक्स जब्त किए हैं। विस्फोटक सामग्री की इतनी बड़ी मात्रा एक सामान्य वाहन में ले जाई जा रही थी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पालक्काड मेडिकल कॉलेज के पास की गई, जहां नियमित जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर एक पिकअप वैन को रोका गया। तलाशी के दौरान वैन से जिलेटिन स्टिक्स के 100 से ज्यादा बॉक्स और डेटोनेटर के 20 से अधिक बॉक्स बरामद किए गए।
तरबूज की खेप के नीचे छिपाए गए थे विस्फोटक
पालक्काड टाउन साउथ पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विस्फोटकों को तरबूज की एक खेप के नीचे बड़ी चतुराई से छिपाया गया था, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस के मुताबिक, यह जब्ती बुधवार देर रात (4 फरवरी 2026) को की गई।
अधिकारी ने कहा, “ऊपर से देखने पर यह एक सामान्य फल ले जाने वाला वाहन लग रहा था, लेकिन अंदर विस्फोटक सामग्री की भारी मात्रा मौजूद थी। अगर यह वाहन किसी दुर्घटना का शिकार होता, तो हालात बेहद भयावह हो सकते थे।”
वाहन चालक हिरासत में
पुलिस ने वाहन के चालक सैंथिल को मौके से हिरासत में ले लिया है।
प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने दावा किया कि उसने यह विस्फोटक सामग्री तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोड की थी और उसे त्रिशूर की एक खदान (क्वारी) तक पहुंचाना था।
हालांकि पुलिस इस दावे की गहन जांच कर रही है कि क्या विस्फोटकों की ढुलाई के लिए आवश्यक लाइसेंस और वैध परमिट मौजूद थे या नहीं।
ऐसे पकड़ा गया विस्फोटकों से भरा वाहन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य में अवैध विस्फोटकों की आवाजाही की खुफिया सूचना मिलने के बाद वाहनों की सघन जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान जब पुलिस ने पिकअप वैन को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश की।
इसके बाद पुलिस ने वाहन का पीछा किया और कुछ दूरी पर जाकर उसे रोक लिया। तलाशी लेने पर विस्फोटक सामग्री सामने आई, जिसके बाद चालक को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने चालक के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosives Act) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि अगर विस्फोटकों की ढुलाई बिना वैध दस्तावेजों के की जा रही थी, तो यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
- विस्फोटक किस कंपनी के थे
- इन्हें किसने सप्लाई किया
- और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि केरल और पड़ोसी राज्यों में इससे पहले भी अवैध विस्फोटक परिवहन के मामले सामने आ चुके हैं।
अक्सर पत्थर खदानों और निर्माण कार्यों के नाम पर विस्फोटकों का दुरुपयोग किया जाता है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा होता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि आम नागरिकों की जान को भी जोखिम में डालती हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या विस्फोटकों की यह खेप किसी और उद्देश्य के लिए तो नहीं लाई जा रही थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हम हर पहलू से जांच कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विस्फोटकों की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से ट्रेस की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि
- इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक एक राज्य से दूसरे राज्य तक कैसे पहुंच गए?
- चेकिंग सिस्टम में कहां चूक हुई?
- और क्या इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मौजूदा नियम पर्याप्त हैं?
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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