दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क पर खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
Janakpuri Accident: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क पर खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और दावा किया है कि अगर समय रहते पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती, तो शायद कमल की जान बचाई जा सकती थी।
परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद पूरी रात वे थानों के चक्कर लगाते रहे, फोन करते रहे, लेकिन पुलिस ने तत्काल तलाश अभियान शुरू नहीं किया।
“फोन चालू था, लोकेशन से मिल सकता था सुराग”
मृतक के भाई करण ने बताया कि कमल रात में घर नहीं लौटा था। जब परिवार ने पुलिस से संपर्क किया तो जवाब मिला कि रात में ढूंढना संभव नहीं है और शिकायत सुबह दर्ज की जाएगी। करण का कहना है कि उस वक्त कमल का मोबाइल फोन एक्टिव था और उसकी लोकेशन ट्रेस कर घटनास्थल तक पहुंचा जा सकता था।
परिवार का कहना है कि जिस इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खुदाई की गई थी, वहां विशेष तौर पर तलाशी ली जानी चाहिए थी। अगर पुलिस ने उसी समय गड्ढे वाले मार्ग पर ध्यान दिया होता, तो कमल को समय रहते बाहर निकाला जा सकता था।
15 फीट गहरे गड्ढे में गिरा बाइक सवार
पुलिस को मिली सूचना के अनुसार, एक महिला कॉलर ने बताया कि जनकपुरी इलाके में एक बाइक सवार सड़क के बीच बने गड्ढे में गिर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां देखा गया कि बाइक नंबर DL9SCJ9478 (अपाचे) करीब 20 फीट लंबा, 13 फीट चौड़ा और 14–15 फीट गहरे गड्ढे में गिरी हुई थी।
गड्ढा सड़क के बिल्कुल बीचोबीच खोदा गया था, जिससे आने-जाने वाले वाहन चालकों को अंदाजा तक नहीं हो सका। पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से युवक को बाहर निकाला और PCR वैन से DDU अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ठेकेदार और जल बोर्ड अधिकारियों पर FIR
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने Janakpuri Accident में BNS की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया है, जो लापरवाही से जान जाने से जुड़ी है।पुलिस जांच में सामने आया कि यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा पाइपलाइन या अन्य कार्य के लिए खोदा गया था, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
FIR में क्या-क्या खामियां गिनाई गईं
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में कहा गया है कि
- मेन रोड पर खोदे गए गड्ढे को ढका नहीं गया था
- चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए थे
- रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी
- कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं किया गया था
FIR में यह भी कहा गया है कि जल बोर्ड और ठेकेदार को पता था कि खुले गड्ढे से किसी की जान जा सकती है, इसके बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
Janakpuri Accident के चश्मदीद की तलाश
पुलिस का कहना है कि अब तक घटना से संबंधित कोई चश्मदीद सामने नहीं आया है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा किस वक्त हुआ और उस समय मौके पर कौन मौजूद था।
वहीं, परिजन मांग कर रहे हैं कि सिर्फ FIR दर्ज करना ही काफी नहीं है, बल्कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
दिल्ली में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
Janakpuri Accident पहला मामला नहीं है जब खुले गड्ढों ने किसी की जान ली हो। राजधानी दिल्ली में बीते वर्षों में कई ऐसे हादसे सामने आए हैं, जहां जल बोर्ड, PWD या नगर निगम की लापरवाही से आम नागरिकों की जान गई है। बावजूद इसके, खुदाई कार्यों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी लगातार जारी है।
परिवार को इंसाफ का इंतजार
कमल के परिवार का कहना है कि वे सिर्फ अपने बेटे और भाई को वापस नहीं ला सकते, लेकिन अगर इस मामले में सख्त कार्रवाई होती है, तो भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों की पहचान के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
35 साल पुराने केस में Pappu Yadav की आधी रात गिरफ्तारी, पटना में हाई-वोल्टेज हंगामा






