Kanpur engineering college violence: महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों से मारपीट का आरोप
कॉलेज परिसर के भीतर छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच हिंसक टकराव हो गया।
Kanpur engineering college violence: उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित Maharana Pratap Engineering College उस समय सुर्खियों में आ गया, जब कॉलेज परिसर के भीतर छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच हिंसक टकराव हो गया। आरोप है कि कॉलेज गेट पर महज पांच मिनट की देरी से पहुंचे छात्रों को सुरक्षा गार्डों और कुछ प्रोफेसरों ने बेरहमी से पीटा। इस घटना में दो छात्राओं समेत कई छात्र घायल हो गए, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि अन्य का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है।
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Toggleकब शुरू हुआ विवाद?
प्रत्यक्षदर्शियों और छात्रों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कुछ छात्र तय समय से थोड़ी देरी से कॉलेज पहुंचे। कॉलेज गेट बंद होने के कारण छात्रों ने अपनी बाइकों के हॉर्न बजाकर गार्डों से गेट खोलने का अनुरोध किया। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। छात्रों का आरोप है कि हॉर्न बजाने से नाराज होकर सुरक्षा गार्डों ने पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फिर लाठी-डंडों व हाथों से छात्रों पर हमला कर दिया।
स्थिति यहीं नहीं रुकी। छात्रों का दावा है कि गार्डों ने कॉलेज प्रशासन और कुछ प्रोफेसरों को मौके पर बुलाया, जो गेट पर पहुंचे और कथित तौर पर मारपीट में शामिल हो गए। कुछ छात्रों को घसीटते हुए गेट से दूर ले जाया गया और उनके साथ थप्पड़, घूंसे और डंडों से मारपीट की गई।
छात्राओं के साथ भी मारपीट का आरोप
Kanpur engineering college violence ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब सामने आया कि मारपीट में छात्राओं को भी नहीं बख्शा गया। घायल छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कुछ छात्रों की बाहों से खून बहता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ छात्र दर्द से कराहते हुए अस्पताल ले जाए जा रहे हैं।
आक्रोशित छात्रों का प्रदर्शन
घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और दोषी सुरक्षा गार्डों व प्रोफेसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने और छात्रों की सुरक्षा के बजाय उनके साथ हिंसा करने का आरोप लगाया।
छात्रों का कहना है कि कॉलेज में पहले भी अनुशासन के नाम पर कठोरता बरती जाती रही है, लेकिन इस तरह की हिंसा पहली बार देखने को मिली है। उनका आरोप है कि समय पालन के नियमों को लागू करने के नाम पर छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। छात्रों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कई सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि प्रोफेसरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कासिम आबिदी ने बताया, “हमें कॉलेज में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि देर से पहुंचने वाले छात्रों को लेकर विवाद हुआ था। छात्रों का आरोप है कि सुरक्षा गार्डों ने उनके साथ मारपीट की। हमने उनकी शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। छात्रों की कुछ मांगें हैं, जिन पर बातचीत की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
प्रशासन की चुप्पी और सवाल
Kanpur engineering college violence को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि आंतरिक जांच की बात कही जा रही है। इस बीच, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या अनुशासन बनाए रखने के नाम पर छात्रों पर हाथ उठाना जायज है, और क्या शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा गार्डों को इस तरह की कार्रवाई का अधिकार है।
शिक्षा के मंदिर में हिंसा पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों को अनुशासन और संवाद के बीच संतुलन बनाना चाहिए, ताकि Kanpur engineering college violence जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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