Delhi EV Bus News: प्रदूषण पर सीधा वार, 4,286 Electric Bus के साथ नंबर-1 बनी दिल्ली
Delhi EV Bus News: दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राजधानी के रामलीला मैदान से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक साथ 500 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही दिल्ली ने पूरे देश में सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक बस फ्लीट का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह कदम न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा संदेश देता है, बल्कि आम जनता को साफ, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा देने की दिशा में भी मील का पत्थर माना जा रहा है।
दिल्ली की सड़कों पर बढ़ी हरियाली की रफ्तार
Electric Bus Capital बनने की दिशा में दिल्ली ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। 500 नई ईवी बसों के डीटीसी बेड़े में शामिल होते ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 4,286 हो गई है। इस उपलब्धि के साथ दिल्ली ने महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है। अब राजधानी को सही मायनों में ‘ Green Fleet Capital’ कहा जा सकता है।
इसी मौके पर दिल्ली–पानीपत के बीच तीन नई अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवाओं की भी शुरुआत की गई। इससे रोज़ाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। कम खर्च, कम शोर और शून्य प्रदूषण—यही इन बसों की सबसे बड़ी पहचान है।
नितिन नवीन बोले: दिल्ली को मिला ई-बसों का उपहार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि दिल्ली की जनता ने पार्टी को प्रचंड बहुमत देकर एक मजबूत सरकार बनाई है और सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर यह 500 इलेक्ट्रिक बसें जनता के लिए “हरित उपहार” हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप दिल्ली को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उनका कहना था कि यह पहल सिर्फ परिवहन सुधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ हवा और बेहतर जीवन की गारंटी है।
CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: 2028 तक 14,000 ई-बसें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस उपलब्धि को दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब एक साथ 500 इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन में जोड़ी गई हैं। उनके मुताबिक सरकार का लक्ष्य यहीं नहीं रुकता—
- 2026 के अंत तक दिल्ली में ई-बसों की संख्या 7,500 तक पहुंचाने का लक्ष्य
- 2028 तक इसे बढ़ाकर 14,000 इलेक्ट्रिक बसें करने की योजना
CM ने कहा कि इससे दिल्ली न सिर्फ देश में बल्कि दुनिया के बड़े शहरों में ग्रीन मोबिलिटी का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगी।
प्रदूषण पर सीधा वार
Delhi Pollution Free Transport की दिशा में दिल्ली लंबे समय से जूझ रही वायु प्रदूषण की समस्या से राहत पाने की कोशिश कर रही है। डीज़ल और सीएनजी बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें शून्य उत्सर्जन करती हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
- हवा की गुणवत्ता में सुधार
- शोर प्रदूषण में कमी
- ईंधन आयात पर निर्भरता घटेगी
सरकार का दावा है कि इन ई-बसों के संचालन से हर साल हजारों टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जिसका सीधा फायदा दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
इलेक्ट्रिक बसें सिर्फ पर्यावरण के लिए ही नहीं, यात्रियों के लिए भी फायदेमंद हैं। इनमें—
- कम किराया और स्मूथ सफर
- कम आवाज़, जिससे यात्रा आरामदायक
- आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सुरक्षा
दिल्ली–पानीपत जैसी अंतरराज्यीय सेवाओं से रोज़ अप-डाउन करने वालों को बड़ा लाभ मिलेगा।
देश के लिए एक उदाहरण
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ई-बसों के मामले में अन्य राज्यों की स्थिति इस प्रकार है—
कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य अभी दिल्ली से काफी पीछे हैं। इस उपलब्धि के साथ दिल्ली ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और सही नीति से बड़े बदलाव संभव हैं।
सिर्फ बसें नहीं, सोच भी बदली
रेखा गुप्ता सरकार का यह कदम केवल बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। यह सोच के बदलाव का प्रतीक है—जहां विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि साथ-साथ चल सकते हैं।
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