Sukanya Samriddhi Yojana 2026: बेटी के भविष्य की गारंटी! 8.2% ब्याज के साथ सुकन्या समृद्धि योजना 2026 का बड़ा फायदा
Sukanya Samriddhi Yojana 2026: हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी की पढ़ाई और शादी बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी हो। बढ़ती महंगाई के दौर में यह सपना तभी सच हो सकता है जब समय रहते सही निवेश शुरू किया जाए। ऐसे में भारत सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के लिए एक भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आई है।
यह योजना खास तौर पर 10 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के लिए बनाई गई है, ताकि उनके भविष्य के लिए एक मजबूत फंड तैयार किया जा सके।
Sukanya Samriddhi Yojana क्या है?
Sukanya Samriddhi Yojana एक सरकारी लघु बचत योजना है। इसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू किया गया था। इस योजना में माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर खाता खोल सकते हैं और हर साल उसमें तय राशि जमा कर सकते हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना पर वर्तमान में 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है (जनवरी–मार्च 2026 तिमाही के अनुसार), जो कई बैंक एफडी से भी ज्यादा है।
कौन खोल सकता है खाता?
- बेटी की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए।
- माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खोल सकते हैं।
- एक बेटी के नाम पर केवल एक खाता खोला जा सकता है।
- एक परिवार अधिकतम दो बेटियों के लिए खाता खोल सकता है (जुड़वां या तीन बच्चों के मामले में अपवाद)।
यह खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में खोला जा सकता है।
कितनी राशि जमा करनी होगी?
- न्यूनतम जमा: ₹250 प्रति वर्ष
- अधिकतम जमा: ₹1.5 लाख प्रति वर्ष
- जमा अवधि: 15 साल तक हर साल निवेश जरूरी
खाता 21 साल में परिपक्व होता है। यानी अगर आपने बेटी के जन्म के समय खाता खोला, तो 21 साल बाद उसे पूरा पैसा (मूलधन + ब्याज) मिल जाएगा।
ब्याज और रिटर्न कैसे मिलता है?
सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज सालाना चक्रवृद्धि (Compound Interest) के रूप में मिलता है। ब्याज की दर सरकार हर तिमाही तय करती है।
अगर कोई माता-पिता हर साल ₹1 लाख जमा करते हैं, तो 15 साल के बाद यह रकम ब्याज के साथ कई गुना बढ़कर एक बड़ा फंड बन सकती है। लंबी अवधि और चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से यह योजना भविष्य के लिए मजबूत फाइनेंशियल सपोर्ट बन जाती है।
टैक्स में कितनी छूट?
सुकन्या समृद्धि योजना को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) का दर्जा मिला हुआ है, जो इसे बेहद खास बनाता है।
- जमा की गई राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
- खाते पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री है।
- मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स फ्री होती है।
यानी निवेश से लेकर ब्याज और अंतिम राशि तक—तीनों पर कर छूट का लाभ मिलता है।
क्या बीच में पैसा निकाला जा सकता है?
हाँ, लेकिन कुछ शर्तों के साथ।
- बेटी के 18 साल पूरे होने के बाद उच्च शिक्षा के लिए खाते की शेष राशि का 50% तक निकाला जा सकता है।
- शादी के लिए भी 18 साल की उम्र के बाद खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है।
इस तरह यह योजना बेटी की पढ़ाई और शादी दोनों के लिए सहारा देती है।
समय से पहले बंद करने के नियम
कुछ विशेष परिस्थितियों में खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है, जैसे—
- बेटी की शादी (18 वर्ष के बाद)
- गंभीर बीमारी
- खाताधारक की मृत्यु
अन्य सामान्य कारणों से बंद करने पर ब्याज दर कम हो सकती है।
क्यों है यह योजना खास?
- सरकारी गारंटी
- ऊंची ब्याज दर
- टैक्स में पूरी छूट
- लंबी अवधि का सुरक्षित निवेश
- बेटी की शिक्षा और शादी के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट
निष्कर्ष
Long Term Safe Investment India के तहत सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ एक साधारण बचत खाता नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ठोस योजना है। छोटी-छोटी रकम से शुरू किया गया निवेश 15–20 साल में एक बड़ी पूंजी में बदल सकता है।
अगर आप अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी को लेकर अभी से सही प्लानिंग करना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक समझदारी भरा और सुरक्षित कदम साबित हो सकता है।
आज ही नजदीकी बैंक या डाकघर में जाकर खाता खुलवाएं और अपनी बेटी के सपनों को मजबूत आर्थिक आधार दें।
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