Delhi Education Reform: AI क्लासरूम से कौशल लैब तक… दिल्ली के 75 सरकारी स्कूल बने ‘CM श्री स्कूल’
Delhi Education Reform: Delhi Government ने राजधानी की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। सरोजिनी नगर से ‘CM श्री स्कूल’ योजना की औपचारिक शुरुआत की गई। उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और मुख्यमंत्री Rekha Gupta मौजूद रहे। पहले चरण में 75 सरकारी स्कूलों को इस नई पहल से जोड़ा गया है।
यह सिर्फ नाम बदलने की योजना नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों को आधुनिक और भविष्य के अनुकूल बनाने की कोशिश है। सरकार का कहना है कि ये स्कूल ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जहां पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी।
क्या है CM श्री स्कूल कॉन्सेप्ट?
CM Shri Schools Project का पूरा नाम है – Chief Minister Schools of High Relevance and Innovation। सरल शब्दों में कहें तो यह दिल्ली के सरकारी स्कूलों का एक अपग्रेडेड और आधुनिक रूप है।
इन स्कूलों में बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। ज्ञान, कौशल और मानवीय दृष्टिकोण—इन्हीं तीन मजबूत स्तंभों पर इन स्कूलों की नींव रखी गई है।
8 बड़ी खास सुविधाएं जो बनाती हैं इन्हें खास
इन स्कूलों में एक साथ आठ आधुनिक सुविधाएं लागू की जा रही हैं:
- AI आधारित स्मार्ट क्लासरूम – पढ़ाई अब इंटरैक्टिव होगी। प्रोजेक्टर, स्मार्ट बोर्ड और टैबलेट की मदद से बच्चे आसान तरीके से सीखेंगे।
- करियर काउंसलिंग लैब – छात्रों को 8वीं से ही भविष्य की दिशा दिखेगी।
- ICT लैब और डिजिटल लाइब्रेरी – ई-बुक्स और टेक्नोलॉजी के जरिए ज्ञान का विस्तार।
- मल्टी-सेक्टोरल स्किल लैब – उद्योगों से जुड़े हुनर की ट्रेनिंग।
- लैंग्वेज लैब – हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर मजबूत पकड़।
- समावेशी शिक्षा कक्ष – दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुविधा।
- CM Shri डिजिटल पोर्टल – JEE, NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्लेटफॉर्म।
- STEAM और रोबोटिक्स लैब – कोडिंग और रोबोटिक्स की शुरुआती ट्रेनिंग।
सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक करीब 7,000 क्लासरूम को पूरी तरह स्मार्ट क्लास में बदल दिया जाए।
किस कक्षा में होगा एडमिशन?
अभी 2026-27 सत्र के लिए कक्षा 6, 7 और 8 में एडमिशन शुरू किया गया है। भविष्य में इसे और कक्षाओं तक बढ़ाया जा सकता है।
एडमिशन कैसे मिलेगा?
CM श्री स्कूलों में दाखिला मेरिट के आधार पर होगा। इसके लिए छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम देना होगा।
- परीक्षा OMR शीट पर होगी।
- समय 150 मिनट का होगा।
- कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
- सवाल हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य जागरूकता और मानसिक क्षमता से होंगे।
कम से कम 50% सीटें सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। SC/ST/OBC (नॉन क्रीमी लेयर) और दिव्यांग छात्रों को 5% की छूट दी जाएगी।
फीस कितनी होगी?
ये दिल्ली सरकार के स्कूल हैं, इसलिए ट्यूशन फीस नहीं लगेगी। शिक्षा मुफ्त रहेगी। हालांकि यूनिफॉर्म या अन्य गतिविधियों के लिए मामूली शुल्क हो सकता है।
पढ़ाई का तरीका कैसा होगा?
इन स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह नई सोच के साथ होगी।
- हर क्लास में AR/VR तकनीक
- कम से कम एक सेक्शन अंग्रेजी माध्यम में
- रटने की बजाय समझने पर जोर
- प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग
- लाइफ स्किल्स और देशभक्ति जैसे विषय
दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की जगह अब स्कूलों को Central Board of Secondary Education के तहत लाया जा रहा है। इससे बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलेगी।
क्यों खास है यह पहल?
आज जब पढ़ाई महंगी होती जा रही है, ऐसे में आम परिवार के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएं मिलना बड़ी बात है। हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा बेहतर भविष्य बनाए। CM श्री स्कूल उस सपने को हकीकत में बदलने की कोशिश है।
सरकार का दावा है कि यहां पढ़ने वाला बच्चा सिर्फ परीक्षा पास करने वाला छात्र नहीं होगा, बल्कि आत्मविश्वासी, तकनीकी रूप से मजबूत और जिम्मेदार नागरिक बनेगा।
दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में यह कदम सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। आने वाले समय में यह मॉडल देश के दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है।
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