सिलेंडर महंगा होने के बाद बदला LPG Booking Rule, अब 21 नहीं 25 दिन बाद होगी LPG Booking
LPG Booking Rule: केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं को नया सिलेंडर बुक करने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। पहले जहां एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद 21 दिन में दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकता था, वहीं अब यह समय बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की बराबर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि कई लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा था।
क्यों बढ़ाया गया वेटिंग पीरियड?
LPG Booking Rule 2026 की माने तो हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार गैस की सप्लाई को लेकर सतर्क हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोग जरूरत न होने के बावजूद बार-बार सिलेंडर बुक कर रहे थे। इसे पैनिक बुकिंग कहा जाता है।
इसी वजह से तेल कंपनियों ने पहले 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। लेकिन अब इसे और बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि अनावश्यक बुकिंग पर लगाम लगाई जा सके।
ऑनलाइन बुकिंग में भी दिख रहा नया नियम
कई उपभोक्ताओं ने जब ऑनलाइन गैस बुकिंग की कोशिश की, तो उन्हें एजेंसी की तरफ से मैसेज मिला कि सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग संभव है। इससे साफ हो गया है कि नया नियम अब लागू हो चुका है।
सरकार का मानना है कि इससे उन लोगों को ज्यादा फायदा होगा जिन्हें वास्तव में गैस की जरूरत है। साथ ही सप्लाई सिस्टम भी संतुलित रहेगा।
गैस सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी
इस फैसले से ठीक पहले सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी की थी। 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ा दिए गए हैं।
अब दिल्ली में यह सिलेंडर 913 रुपए में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपए थी। वहीं 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपए की बढ़ोतरी हुई है और यह अब करीब 1883 रुपए का हो गया है।
नई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़ाए गए थे।
कुछ राज्यों में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर असर
गैस के घटते स्टॉक को देखते हुए कुछ राज्यों में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को सीमित किया गया है।
राजस्थान और पंजाब में तेल कंपनियों ने एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि फिलहाल कॉमर्शियल सिलेंडर के नए ऑर्डर न लें। इन राज्यों में घरेलू उपयोग के सिलेंडर की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर की कमी न हो।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर
हालांकि गैस सिलेंडर के नियमों और कीमतों में बदलाव के बावजूद सरकार ने यह साफ किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर रह सकती हैं।
वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने का अनुमान है।
देश में ईंधन की कोई कमी नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य है और घबराने की जरूरत नहीं है।
संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने कच्चे तेल की सप्लाई के लिए कई वैकल्पिक रास्ते भी तैयार किए हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर देश की ऊर्जा व्यवस्था पर न पड़े।
इसके अलावा विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
क्या होगा आम लोगों पर असर?
नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के लिए थोड़ा इंतजार जरूर करना पड़ेगा, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे सप्लाई सिस्टम ज्यादा संतुलित होगा।
अगर लोग जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करेंगे, तो किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी की स्थिति पैदा नहीं होगी और सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सकेगा।
कुल मिलाकर सरकार का यह फैसला गैस की जमाखोरी रोकने और सप्लाई को संतुलित रखने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह भी पढ़े
WhatsApp & Signal security alert! रूसी हैकर्स के निशाने पर करोड़ों अकाउंट1






