Ganesh Chaturthi 2026: देशभर में गूंजा गणेश उत्सव का जयकारा, लालबागचा राजा से पिल्लैयारपट्टी तक उमड़ा भक्तों का सैलाब
Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, तो तमिलनाडु के पिल्लैयारपट्टी स्थित करपगा विनायकर मंदिर में भी भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कोलकाता में इस बार गणेश उत्सव की थीम के जरिए विकास और बदलाव का संदेश दिया गया है।
देशभर में गणेश उत्सव की धूम
देशभर में आज यानी 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। घरों से लेकर मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जा रही है। महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल तक गणपति बप्पा के स्वागत के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
गणेश चतुर्थी के साथ ही अगले कई दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भव्य आयोजन, विशेष पूजा और गणपति दर्शन का सिलसिला जारी रहेगा।
मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन को उमड़ा सैलाब
गणेश उत्सव की बात हो और मुंबई के लालबागचा राजा का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। गणेश चतुर्थी के मौके पर लालबागचा राजा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े नजर आए और बप्पा के दर्शन का इंतजार करते दिखाई दिए।
मुंबई में लालबागचा राजा का गणेश उत्सव हर साल देशभर का ध्यान खींचता है। गणेश चतुर्थी से पहले ही लालबागचा राजा की प्रतिमा का पहला लुक सामने आने के बाद भक्तों में उत्साह बढ़ गया था। गणपति उत्सव के दौरान मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं और लाखों श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
तमिलनाडु में पिल्लैयारपट्टी मंदिर के बाहर लंबी कतार
गणेश चतुर्थी का उत्साह सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत में भी इस पर्व को लेकर श्रद्धा और उत्साह देखने को मिल रहा है।तमिलनाडु के पिल्लैयारपट्टी स्थित करपगा विनायकर मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर में विशेष पूजा और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
भगवान गणेश को तमिलनाडु में विनायकर के नाम से भी पूजा जाता है। ऐसे में विनायका चतुर्थी के मौके पर मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
कोलकाता में ‘परिवर्तन’ थीम पर गणेश उत्सव
वहीं पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी गणेश चतुर्थी को खास अंदाज में मनाया जा रहा है। कोलकाता के बागुईआटी इलाके में एग्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने गणेश उत्सव के लिए इस बार ‘परिवर्तन-विकसित बंगाल की ओर’ थीम रखी है।
इस थीम के जरिए धार्मिक उत्सव के साथ विकास और बदलाव का संदेश देने की कोशिश की गई है। यानी इस बार गणेश उत्सव सिर्फ पूजा और सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि पंडाल की थीम के जरिए सामाजिक और विकास से जुड़े संदेश भी लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं
गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कामना की कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आशीर्वाद सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सफलता लेकर आए। उन्होंने भगवान गणेश से देशवासियों के प्रयासों को सफल बनाने और जीवन से बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयकारा भी लगाया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी विनायका चतुर्थी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और परिवारों में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
10 दिनों तक चलता है गणेश उत्सव
गणेश चतुर्थी का पर्व सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं है। कई स्थानों पर इसे 10 दिनों तक बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेश उत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ समाप्त होता है।
इस दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं और सुख, शांति, समृद्धि तथा जीवन में सफलता की कामना करते हैं। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 से शुरू हुई है, जबकि गणपति विसर्जन का प्रमुख दिन 25 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी को होगा।
क्यों खास है गणेश चतुर्थी?
भगवान गणेश को हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व नई शुरुआत, बुद्धि, समृद्धि और बाधाओं को दूर करने की कामना से जुड़ा हुआ है।
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का सार्वजनिक स्वरूप विशेष रूप से प्रसिद्ध है। सार्वजनिक गणेश उत्सव को बड़े स्तर पर लोकप्रिय बनाने में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके बाद मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गणेश उत्सव सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का बड़ा पर्व बन गया।
मुंबई से तमिलनाडु तक एक ही जयकारा
मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब हो, तमिलनाडु के पिल्लैयारपट्टी मंदिर में भक्तों की कतारें हों या कोलकाता में ‘परिवर्तन’ की थीम के साथ सजाए गए पंडाल—हर जगह गणपति उत्सव की अलग तस्वीर देखने को मिल रही है।देशभर में अब अगले कई दिनों तक गणेश उत्सव की रौनक बनी रहेगी और अनंत चतुर्दशी के दिन श्रद्धालु बप्पा को विदाई देंगे।
आरंभ न्यूज़ की तरफ से आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं।
गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया!
