CJP Protest: CJP प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, अजिंक्य शिंदे ने संभाली आंदोलन की कमान, ममता बनर्जी भी हिरासत में
CJP Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद कई जगह पुलिस कार्रवाई, अजिंक्य शिंदे ने संभाली आंदोलन की कमान, ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की। यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया, जबकि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के तुरंत बाद हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया और विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए।
CJP Protest: विमान के उतरने समय पुलिसकर्मियों ने लिया हिरासत में
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होना था, लेकिन विमान के उतरने समय पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
घटना के सामने आए वीडियो में दीपके पुलिस से कहते दिखाई दिए कि वह गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं। CJP ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए तीनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। वहीं, ध्रुव राठी को भी प्रदर्शन में शामिल होने से पहले गुरुग्राम से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
केजरीवाल ने X पर पोस्ट कर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “This is worse than the Emergency” यानी “यह आपातकाल से भी बदतर है।” उन्होंने CJP नेताओं को विमान से हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की आलोचना की।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, आम आदमी पार्टी की ओर से उनके आवास के आसपास भारी पुलिस सुरक्षा तैनात होने की बात कही गई। हालांकि, उनके आवास पर सुरक्षा और उनकी हिरासत दो अलग-अलग बातें हैं, दोनों की स्थिति की पुष्टि संबंधित रिपोर्टों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
ममता बनर्जी समेत अन्य विपक्षी नेता भी हिरासत में
NDTV और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को भी दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठाए।
अजिंक्य शिंदे संभालेंगे आंदोलन की कमान
अभिजीत दीपके की हिरासत के बाद CJP ने अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, दीपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश के जरिए यह फैसला बताया।
शिंदे ने समर्थकों से अपील की कि पुलिस जहां भी उन्हें रोके, वहां शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। जंतर-मंतर के आसपास कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली के कुछ अन्य इलाकों में भी प्रदर्शन होने की खबरें आईं।
दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कई इलाकों में बैरिकेडिंग, यातायात प्रतिबंध और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियां लागू कीं। रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया, हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या अलग-अलग बताई गई है। हिरासत में लिए गए सभी लोगों की मौजूदा स्थिति और रिहाई के बारे में पूरी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
इस घटनाक्रम ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस की कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। CJP ने आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है, जबकि आगे की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
