Starlink vs Reliance Jio: एलन मस्क की कंपनी का जवाब, कहा-भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट देने के लिए तैयार
Starlink vs Reliance Jio: एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink ने भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। कंपनी ने कहा है कि वह भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और देश में जरूरी बुनियादी ढांचे के साथ सरकारी मंजूरियां भी हासिल कर चुकी है। यह बयान Reliance Industries की ओर से सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रतिस्पर्धा का स्वागत किए जाने के बाद आया है।
Starlink ने Reliance के बयान पर दिया जवाब
The Economic Times की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, Starlink ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Reliance Industries की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि कंपनी पिछले पांच साल से अधिक समय से भारत में नियामकों, उद्योग और टेलीकॉम कंपनियों के साथ काम कर रही है।
Starlink के मुताबिक, उसने भारत में स्थानीय नेटवर्क, गेटवे और अन्य जरूरी तकनीकी बुनियादी ढांचा तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि यह व्यवस्था भारतीय इंटरनेट ट्रैफिक को सुरक्षित तरीके से सेवाएं देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
Reliance Jio ने क्या कहा था?
Starlink का बयान Reliance Industries की उस प्रतिक्रिया के बाद आया, जिसमें कंपनी ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया था। Reliance ने कहा कि उसे प्रतिस्पर्धा से डर नहीं है और हर कंपनी को भारतीय कानूनों और नीतियों का पालन करना चाहिए।
कंपनी ने अपने बयान में Jio की सफलता का भी जिक्र किया। Reliance के मुताबिक, Jio ने 2016 में टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था और एक दशक के भीतर उसके ग्राहकों की संख्या 53 करोड़ से अधिक हो गई। कंपनी ने कहा कि सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में Starlink सहित सभी कंपनियों का स्वागत है, बशर्ते वे नियमों का पालन करें।
एलन मस्क और मुकेश अंबानी के बीच क्यों बढ़ी चर्चा?
भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रवेश और प्रतिस्पर्धा की शर्तों को लेकर एलन मस्क और Reliance के बीच सार्वजनिक बयानबाजी हुई है। मस्क ने भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के माहौल पर सवाल उठाए थे, जबकि Reliance ने सभी कंपनियों के लिए समान नियमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत के संचार मंत्रालय ने नियामकीय प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि भारतीय और विदेशी कंपनियों को सेवाएं शुरू करने के लिए निर्धारित नियमों और सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा।
क्या Starlink भारत में तुरंत शुरू कर सकेगा सेवा?
Starlink का कहना है कि वह भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट देने के लिए तैयार है, लेकिन जरूरी बुनियादी ढांचा और लाइसेंस होना अपने आप में व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की अंतिम अनुमति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करने के साथ स्पेक्ट्रम आवंटन भी हासिल करना होगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही व्यावसायिक सेवाओं की शुरुआत का रास्ता साफ होगा।
भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा?
Starlink के अलावा Reliance Jio Satcom और Bharti समूह से जुड़ी Eutelsat OneWeb भी भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के अवसर तलाश रही हैं। इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से दूरदराज के इलाकों और उन क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सीमित है।
हालांकि, उपभोक्ताओं को सेवा कब मिलेगी, उसकी कीमत क्या होगी और इंटरनेट की वास्तविक गति कितनी होगी, इस बारे में अभी अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल Starlink और Reliance के बीच बयानबाजी ने भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार को चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जरूरी नियामकीय प्रक्रियाएं कब पूरी होती हैं और कंपनियां भारतीय ग्राहकों के लिए अपनी सेवाएं कब शुरू कर पाती हैं।
