Stock Market Today: सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 450 अंक फिसला, निफ्टी 22,700 के नीचे, जानिए गिरावट की वजह
Share Market today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। शुरुआती मजबूती के बाद सेंसेक्स और निफ्टी अपने दिन के उच्च स्तर से नीचे आ गए। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से करीब 450 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। निवेशकों की मुनाफावसूली, आईटी शेयरों में बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले सतर्कता बाजार पर दबाव की प्रमुख वजहें रहीं।
Stock Market Today: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे सेंसेक्स 310.04 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 73,296.71 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 में 78.15 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,675.05 पर पहुंच गया। शुरुआती तेजी के बाद बाजार में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों की बढ़त कमजोर पड़ गई।
मुनाफावसूली ने बढ़ाया दबाव
बाजार में गिरावट की एक प्रमुख वजह मुनाफावसूली रही। पिछले कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर शेयर बेचकर अपना मुनाफा सुरक्षित किया। जब बड़ी संख्या में निवेशक एक साथ बिकवाली करते हैं, तो प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ सकता है। मंगलवार को भी बाजार में इसी तरह का रुझान देखने को मिला।
आईटी शेयरों में बिकवाली
आईटी सेक्टर में कमजोरी ने भी बाजार की चाल प्रभावित की। रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत गिरा। वैश्विक तकनीकी कंपनियों से जुड़े घटनाक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और भविष्य की कमाई को लेकर अनिश्चितता के कारण इस क्षेत्र के शेयरों में दबाव देखा गया। आईटी कंपनियों का प्रमुख सूचकांकों में अहम योगदान होने के कारण उनकी गिरावट का असर व्यापक बाजार पर भी पड़ता है।
कच्चे तेल की कीमतें बनी चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। ब्रेंट क्रूड की कीमतें छह महीने के उच्च स्तर के आसपास बनी हुई थीं। पश्चिम एशिया में तनाव और तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं ने कीमतों को सहारा दिया।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। कीमतें बढ़ने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही, कंपनियों की परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ने की आशंका भी रहती है।
अमेरिकी फेड के फैसले पर नजर
निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर भी है। ब्याज दरों को लेकर संकेत वैश्विक बाजारों और विदेशी निवेश के प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। इसी अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
तकनीकी स्तरों पर निफ्टी के लिए 22,800 ऊपर की ओर और 22,600 नीचे की ओर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हालांकि, बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और निवेशकों की धारणा के अनुसार बदल सकती है।
फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, आईटी शेयरों और अमेरिकी फेड के फैसले पर बनी हुई है। शेयर बाजार में निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है।
