Rahul Gandhi Nirmala Sitharaman Spelling Row: निर्मला सीतारमण के नाम की स्पेलिंग पर छिड़ा विवाद, कांग्रेस ने बताया 'टाइपो मार्केटिंग', हिमंता सरमा ने कसा तंज
Rahul Gandhi Nirmala Sitharaman Spelling Row: राजनीति में अक्सर नेताओं के बयान चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन इस बार विवाद एक नाम की स्पेलिंग को लेकर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उपनाम की स्पेलिंग गलत लिखे जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी समर्थकों ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया, तो कांग्रेस ने इस पूरे मामले को ‘टाइपो मार्केटिंग’ करार दिया। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस पर तंज कसते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
कैसे शुरू हुआ स्पेलिंग विवाद?
दरअसल, टाटा समूह में नेतृत्व और प्रबंधन को लेकर चल रही बहस के बीच राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा समूह को अनुचित तरीके से प्रभावित किया जा रहा है और देश के कारोबारी सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से डर रहे हैं।
राहुल गांधी के इन आरोपों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचने की सलाह दी। साथ ही कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना ठोस आधार के आपराधिक मामला बताना उचित नहीं है।
इसके जवाब में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक और पोस्ट की। इस पोस्ट में उन्होंने वित्त मंत्री को संबोधित करते हुए उनके उपनाम ‘सीतारमण’ की जगह ‘सीतारामा’ लिख दिया। इसके बाद नाम की स्पेलिंग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।
कांग्रेस ने बताया ‘टाइपो मार्केटिंग’
राहुल गांधी की पोस्ट में स्पेलिंग की गलती सामने आने के बाद कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने उनका बचाव किया। उन्होंने इस मामले को ‘टाइपो मार्केटिंग’ बताया।
उनका तर्क था कि संचार की दुनिया में कभी-कभी किसी शब्द या नाम की स्पेलिंग में बदलाव के जरिए लोगों का ध्यान आकर्षित किया जाता है। इस बयान के बाद विवाद और चर्चा में आ गया।
हिमंता बिस्वा सरमा ने भी ली चुटकी
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी राहुल गांधी की पोस्ट पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ध्यान आकर्षित करने के लिए राहुल और गांधी जैसे नामों के आखिरी अक्षर भी हटा देने चाहिए?
उन्होंने कांग्रेस को सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने के बजाय चुनावी मैदान में राजनीतिक लड़ाई लड़ने की सलाह दी। उनके इस तंज के बाद बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
टाटा समूह विवाद से शुरू हुई बहस, स्पेलिंग पर पहुंची राजनीति
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत टाटा समूह के नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़े मुद्दे पर हुई राजनीतिक बहस से हुई थी। राहुल गांधी ने जहां कारोबारी जगत और सरकार के संबंधों पर सवाल उठाए, वहीं वित्त मंत्री ने उनके आरोपों पर आपत्ति जताई।
लेकिन इसके बाद चर्चा का केंद्र आर्थिक और कारोबारी मुद्दों से हटकर एक नाम की स्पेलिंग बन गई। कांग्रेस और बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इस विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया।
फिलहाल, टाटा समूह को लेकर उठे सवालों के साथ-साथ सोशल मीडिया पोस्ट में हुई स्पेलिंग की गलती भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गई है। यह घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया के दौर में नेताओं की छोटी-सी पोस्ट भी बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकती है।
