Delhi Chawri Bazaar Building Collapse: दिल्ली के चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत ढही, 2 की मौत; MCD के JE और AE सस्पेंड, ठेकेदार पर FIR के आदेश
Delhi Chawri Bazaar Building Collapse: राजधानी दिल्ली के पुराने चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां गली सितारा, शीश महल में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते NDRF, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। घटना के बाद दिल्ली सरकार ने कार्रवाई करते हुए MCD के एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है।
Delhi Chawri Bazaar Building Collapse: सुबह करीब 9:50 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार 5 नवंबर को सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इमारत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल विभाग की छह यूनिट, पुलिस और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
संकरी गलियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी
चावड़ी बाजार का इलाका काफी घनी आबादी वाला है और यहां की गलियां बेहद संकरी हैं। ऐसे में भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाना राहत टीमों के लिए चुनौती बना हुआ है। बचावकर्मी मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से पहले अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी थी। स्थानीय निवासी मोहम्मद नईम ने बताया कि आवाज सुनकर लोग अपने घरों से बाहर निकले। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद उनका अपना मकान गिर गया है, लेकिन बाहर आने पर पता चला कि पास में बन रही इमारत ढह गई है।
उन्होंने बताया कि इमारत में पिछले तीन-चार महीनों से निर्माण कार्य चल रहा था और कई लिंटर एक साथ गिर गए थे।
अवैध निर्माण की शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई?
इस हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने करीब पांच महीने पहले यानी 15 जून को इस इमारत में कथित अनधिकृत निर्माण की जानकारी MCD को दी थी। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से समय रहते क्या कार्रवाई की गई, इसकी जांच की जा रही है।
MCD की शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस निर्माण के लिए बिल्डिंग प्लान मंजूर नहीं कराया गया था। ऐसे में अब यह जांच का विषय बन गया है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य कैसे जारी रहा और संबंधित विभाग ने समय रहते इसे क्यों नहीं रोका।
MCD के JE और AE सस्पेंड, ठेकेदार पर FIR के आदेश
हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर MCD के असिस्टेंट इंजीनियर (AE) मोहम्मद नईम और जूनियर इंजीनियर (JE) अमन दलाल को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना की विस्तृत जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
चावड़ी बाजार में हुआ यह हादसा राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। घनी आबादी वाले पुराने इलाकों में पुरानी इमारतों के साथ-साथ नए निर्माण की निगरानी भी बेहद जरूरी है।
इससे पहले सितंबर में पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल चावड़ी बाजार में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। हादसे की वास्तविक वजह और निर्माण में संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
