Balochistan violence: विद्रोही हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना का बड़ा ऑपरेशन, 145 बलूच मारे जाने का दावा
Balochistan violence: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर भीषण हिंसा की चपेट में आ गया है। शनिवार सुबह अलगाववादी बलूच लड़ाकों ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत प्रांत के 14 शहरों में एकसाथ घातक हमले किए। इन हमलों में सुरक्षाबलों के जवानों समेत करीब 50 लोगों की मौत की सूचना है। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर जवाबी अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 145 बलूच लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षाबलों के पास मारे गए सभी आतंकवादियों के शव मौजूद हैं और उनकी पहचान की जा रही है।
अस्पताल-बाज़ार बने निशाना
पाकिस्तान के जूनियर गृह मंत्री तलाल चौधरी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि हमलावरों ने आम नागरिकों जैसे कपड़े पहन रखे थे, जिससे वे आसानी से भीड़ में घुल-मिल गए। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों को निशाना बनाया और अंधाधुंध गोलीबारी की।
चौधरी के मुताबिक, आतंकवादियों ने आम लोगों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया और दुकानों में काम कर रहे निर्दोष नागरिकों पर गोलियां चलाईं। इससे हालात और भयावह हो गए और कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
हमलावरों में अफगान नागरिक होने का दावा
मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने दावा किया कि मारे गए आतंकवादियों में कुछ अफगान नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन हमलों में 17 सुरक्षाकर्मी और 31 नागरिक मारे गए। बुगती ने कहा कि आतंकवादी शहरों के केंद्र तक पहुंचकर बंधक बनाने की योजना बना रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से वे अपने इरादों में सफल नहीं हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि खुफिया एजेंसियों को पहले ही बड़े हमले की आशंका थी, जिसके चलते एक दिन पहले ही प्री-ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। इसी वजह से कई जगहों पर हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया गया।
बीएलए का पलटवार: 84 सुरक्षाकर्मियों को मारने का दावा
इन हमलों की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। संगठन ने सरकारी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसके लड़ाकों ने 14 शहरों में 48 अलग-अलग स्थानों पर सफल हमले किए।
बीएलए ने दावा किया कि उसने 84 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया, कई को अगवा किया और कुछ सुरक्षा चौकियों पर कब्जा भी किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
भारत और अफगानिस्तान पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री बुगती ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए भारत और अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलए के कई वरिष्ठ नेता अफगान क्षेत्र से ऑपरेट कर रहे हैं। बुगती ने 2020 के दोहा समझौते का हवाला देते हुए कहा कि अफगान तालिबान ने वादा किया था कि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से आज भी अफगान धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।”
Balochistan violence: दशकों से सुलगता विद्रोह
गौरतलब है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम विकसित प्रांत है। यहां दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। बलूच समूहों का आरोप है कि केंद्र सरकार उनके संसाधनों का शोषण करती है और स्थानीय आबादी को अधिकार नहीं देती। वहीं पाकिस्तान सरकार इन संगठनों को आतंकवादी बताती है।
ताजा हिंसा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बलूचिस्तान में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और आने वाले दिनों में यह संकट और गहराने की आशंका है।
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