शहरी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाए अब आम हो चुकी है, जहा अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ अक्सर होता रहता है। लेकिन जब ऐसी आपराधिक गतिविधिया ग्रामीण इलाको में सामने आती है, तो यह न केवल चौकाने वाला होता है बक्लि समाज की नैतिकता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीण क्षेत्रों को अब तक नैतिकता मूल्यों और सामाजिक शांति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में देह व्यापर या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों का वहां पाया जाना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि पुरे समाज के लिए गंभीर चिंता और आत्मचिंतन का विषय है।





