Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को खुलेंगे विद्या के द्वार, ऐसे करें सरस्वती पूजा और मंदिर सजावट
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या, वाणी और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन पूजा करने से बुद्धि, शिक्षा और रचनात्मकता में वृद्धि होती है।
बसंत पंचमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि मन और वातावरण को शुद्ध करने का अवसर भी है। इस दिन ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है और प्रकृति पीले फूलों से सज जाती है। यही वजह है कि इस पर्व में पीले रंग का विशेष महत्व होता है।
बसंत पंचमी पर घर के मंदिर की सजावट क्यों है खास
वसंत पंचमी पर मंदिर सजाना केवल बाहरी सुंदरता नहीं, बल्कि आंतरिक तैयारी का प्रतीक है। जब घर का मंदिर सादगी, स्वच्छता और श्रद्धा से सजाया जाता है, तब मां सरस्वती केवल प्रतिमा में नहीं, बल्कि मन में भी विराजती हैं। सही सजावट से सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
वसंत पंचमी 2026 पर मंदिर सजाने के आसान टिप्स
1. पीले रंग को बनाएं सजावट का केंद्र
पीला रंग ज्ञान, उल्लास और सकारात्मकता का प्रतीक है।
- मंदिर के पीछे पीले रंग का कपड़ा या चुनरी लगाएं
- गेंदा, सरसों या गुलदाउदी जैसे पीले फूलों का प्रयोग करें
- बहुत चटक या गहरे रंगों से बचें
याद रखें, इस दिन भव्यता नहीं, कोमलता और सादगी सुंदर लगती है।
2. फूलों से करें प्राकृतिक सजावट
- प्लास्टिक या आर्टिफिशियल फूलों से बचें
- फूलों की छोटी मालाएं बनाकर मंदिर सजाएं
- देवी के चरणों में ताजे फूल अर्पित करें
फूल केवल सजावट नहीं, बल्कि जीवित ऊर्जा होते हैं।
3. दीयों और सौम्य प्रकाश का उपयोग करें
- पीतल या मिट्टी के छोटे दीये जलाएं
- बहुत तेज रोशनी से बचें
- घी का दीपक विशेष शुभ माना जाता है
सौम्य प्रकाश मन को शांति देता है।
4. मंदिर को रखें स्वच्छ और व्यवस्थित
मां सरस्वती स्वच्छता और अनुशासन की देवी हैं।
- पुराने फूल और बेकार वस्तुएं हटा दें
- पूजा के समय मंदिर में अनावश्यक सामान न रखें
- किताबें, कलम और वाद्य यंत्र साफ रखें
5. विद्या से जुड़ी वस्तुओं को दें सम्मान
- किताबें साफ कपड़े पर रखें
- बच्चों की कॉपी, पेन, वाद्य यंत्र मंदिर में रखें
- पूजा के बाद किताबें जमीन पर न रखें
Basant Panchami 2026: सरस्वती पूजा सामग्री लिस्ट
saraswati puja के लिए निम्न सामग्री रखें:
हल्दी, कुमकुम, रोली, अक्षत, धूप-दीप, इत्र, आम के पत्ते, पीले फूल, फूलों की माला, लकड़ी की चौकी, पीला वस्त्र, कलश, नारियल, केले, गाय का घी, दूध से बनी मिठाई, मालपुआ, तिल के लड्डू, गुलाल और पीली चुनरी या साड़ी।
बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा विधि
- स्नान करके साफ वस्त्र पहनें
- पूजा घर में चौकी रखकर पीला वस्त्र बिछाएं
- मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
- गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करें
- फूल, अक्षत, सिंदूर और गुलाल अर्पित करें
- देवी को भोग लगाएं
- पुस्तक और लेखन सामग्री की पूजा करें
- जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई का सामान दान करें
शाम के समय भी दीपक जलाकर मां सरस्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है।
बसंत पंचमी पर कलश पूजा विधि
- कलश पर मोली बांधें
- उसमें अक्षत, दूर्वा, सुपारी और सिक्का डालें
- ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखें
- वरुण देवता का आवाहन करें
बसंत पंचमी 2026 पर ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में बच्चों और बड़ों दोनों को पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। इससे शिक्षा, बुद्धि और करियर में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
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