Ranveer Singh पर कर्नाटक की दैव परंपरा के अपमान का आरोप
बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में बुधवार को उनके खिलाफ हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत करने और कर्नाटक की प्राचीन चावुंडी दैव परंपरा का अपमान करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला अब बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (CMM) अदालत के समक्ष पहुंच चुका है, जहां 8 अप्रैल 2026 को इसकी सुनवाई निर्धारित की गई है।
यह एफआईआर बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रणवीर सिंह ने सार्वजनिक मंच से ऐसी टिप्पणियां कीं और अभिनय किया, जिससे कर्नाटक की दैव परंपरा के पवित्र स्वरूप का मजाक उड़ाया गया और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
IFFI 2025 से जुड़ा है पूरा मामला
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह विवाद 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में रणवीर सिंह, कन्नड़ फिल्म Kantara के निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी के साथ मंच साझा कर रहे थे।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी दौरान Ranveer Singh ने Kantara में दिखाए गए दैव पात्रों को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और मंच पर उनकी नकल करते हुए उन्हें हास्यास्पद तरीके से प्रस्तुत किया। आरोप है कि उन्होंने पंजुरली और गुलिगा दैव से जुड़े भाव-हावभाव की मिमिक्री की, जिसे पवित्र परंपरा का अपमान बताया गया है।
‘महिला भूत’ टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह है कि Ranveer Singh ने चावुंडी दैवा को ‘महिला भूत’ कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार, चावुंडी दैवा कर्नाटक के तटीय इलाकों में पूजनीय रक्षक देवी मानी जाती हैं और वे दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। ऐसे में उन्हें ‘भूत’ कहना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह स्थानीय आस्था और परंपरा पर सीधा हमला है।
रणवीर सिंह ने मंच से कहा था,
“मैंने Kantara थिएटर में देखी थी। खासकर जब फीमेल घोस्ट आपके शरीर में आती है, वो परफॉर्मेंस आउटस्टैंडिंग थी।”
इसके बाद उन्होंने मंच पर उस दृश्य की नकल भी की, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया।
वायरल वीडियो और ऋषभ शेट्टी की प्रतिक्रिया
IFFI से सामने आए वीडियो में यह भी देखा गया कि मंच से उतरने के बाद Ranveer Singh ने ऋषभ शेट्टी के सामने दोबारा चावुंडी दैवा की मिमिक्री की। वीडियो में ऋषभ शेट्टी उन्हें बार-बार इशारों में रोकते नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही अभिनेता की तीखी आलोचना शुरू हो गई थी। कई लोगों ने इसे सांस्कृतिक असंवेदनशीलता बताया।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
वकील प्रशांत मेथल ने 27 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक निजी शिकायत दायर की थी। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 175(3) के तहत हाई ग्राउंड्स पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
पणजी में भी हो चुकी है शिकायत
यह पहला मौका नहीं है जब इस मामले में रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई हो। इससे पहले 2 दिसंबर 2025 को गोवा के पणजी में हिंदू जनजागृति समिति ने अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और सार्वजनिक माफी की मांग की थी।
इसके बाद Ranveer Singh ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर माफीनामा जारी करते हुए लिखा था कि उनका उद्देश्य Kantara में ऋषभ शेट्टी की शानदार परफॉर्मेंस की तारीफ करना था, न कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी किसी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वह दिल से माफी मांगते हैं।
दैव परंपरा और कांतारा का सांस्कृतिक महत्व
गौरतलब है कि कांतारा फिल्म ने कर्नाटक की दैव परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि स्थानीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और जीवनशैली से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस परंपरा को लेकर की गई किसी भी टिप्पणी को लेकर संवेदनशीलता स्वाभाविक मानी जा रही है।
अब सबकी नजरें 8 अप्रैल को होने वाली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।
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