भारत के Budget 2026 को संसद में पेश किए जाने के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है।
Budget 2026 Political Reactions: भारत के Budget 2026 को संसद में पेश किए जाने के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है। सरकार इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे आम जनता की उम्मीदों पर खरा न ठहराने वाला करार दे रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फायनेंस मंत्री निर्मला सीतारमण, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेताओं ने अपना-अपना रुख स्पष्ट किया है।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान: “विकास और आत्मनिर्भरता का बजट”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Budget 2026 को “नए भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला” बताया और कहा कि यह बजट युवा, किसान, मध्यम वर्ग और महिला सशक्तिकरण पर खास ध्यान देता है। उन्होंने कहा कि यह बजट इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और देश को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह “विकास के साथ सामाजिक समावेशन” का बजट है, जो रोज़गार सृजन और आर्थिक स्थिरता दोनों को समाहित करता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट में राजकोषीय अनुशासन और समावेशी विकास के बीच संतुलन बनाए रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर आवश्यक संसाधन आवंटित किए हैं और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी पहल की गति को और बढ़ाया है।
सीतारमण ने यह भी कहा कि यह बजट “देश के हर नागरिक के लिए अवसर पैदा करने वाला” है।
राहुल गांधी: “Budget 2026 आम आदमी को राहत नहीं देता”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने ब्याज दर, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बजट “कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देने वाला” है और आम किसान, मजदूर और युवा वर्ग को इससे पर्याप्त राहत नहीं मिली है।
राहुल गांधी ने कहा कि इस बजट में रोज़गार सृजन और कृषि सुधार पर ठोस रोडमैप नहीं दिखता, जो देश की मूल आर्थिक समस्याओं को संबोधित करने के लिए आवश्यक है।
मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष की एकजुट आवाज़
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट को “औसत और खोखले वादों से भरा” बताया। विपक्षी दलों—तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों—ने भी बजट पर सवाल उठाए और कहा कि किसान, शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्रों में और अधिक निवेश की आवश्यकता है। वाम दलों ने इस बजट को “अमीर समर्थक बजट” करार दिया।
सीएम योगी: “बजट ने उत्तर प्रदेश और भारत के विकास को बल दिया”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को ‘प्रगतिशील और विकासोन्मुख़’ बताते हुए कहा कि यह राज्यों के वास्तविक मुद्दों को समझने वाला है। उन्होंने विशेष रूप से बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि और छोटे व्यवसायों के लिए किए गए आवंटनों की सराहना की।
योगी ने कहा, “यह बजट उत्तर प्रदेश और भारत दोनों के विकास के मार्ग को मजबूत करता है। कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि बजट ने “राज्य-केन्द्र सहयोग को और गहरा किया है,” जिससे प्रदेश में विकास परियोजनाओं को और गति मिलेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि Budget 2026 न केवल आर्थिक दिशा का निर्धारण करेगा, बल्कि आगामी चुनावी राजनीति में भी अहम भूमिका निभाएगा। जहाँ सरकार इसे उपलब्धियों का दस्तावेज़ बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जनहित से दूरी रखने वाला करार दे रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, बजट के प्रभाव का असली परीक्षण आने वाले महीनों में रोज़गार, निवेश और महंगाई के आंकड़ों पर होगा।
जनता की प्रतिक्रिया
सामान्य जनता और अर्थशास्त्रियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ ने बजट को संतुलित और योजनाबद्ध बताया, तो कुछ का मानना है कि बुनियादी समस्याओं—जैसे कृषि संकट, बेरोज़गारी और स्वास्थ्य—पर और अधिक ध्यान देने की ज़रूरत थी।
विशेषकर युवा वर्ग और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोग कर छूट और ऋण सुविधाओं के मामलों में स्पष्ट नीति की अपेक्षा कर रहे हैं।






