
CBI Raid: अनिल अंबानी के Mumbai घर पर छापा, Rs 3,073 Crore Loan Fraud Case में FIR दर्ज
CBI Raid: उद्योगपति Anil Ambani एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI और ED) के रडार पर आ गए हैं। शनिवार सुबह Central Bureau of Investigation (CBI) ने मुंबई के Cuffe Parade स्थित अंबानी के आलीशान घर Seawind पर छापा (CBI Raid) मारा। यह कार्रवाई Rs 3,073 Crore Loan Fraud Case से जुड़ी है।
CBI की टीम सुबह करीब 7 बजे पहुंची और लंबे समय तक तलाशी अभियान जारी रहा। इस दौरान Anil Ambani और उनका परिवार घर पर मौजूद था।
SBI की शिकायत पर FIR दर्ज
CBI ने यह कार्रवाई State Bank of India (SBI) की शिकायत पर की है। SBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि Reliance Communications Limited (RCOM) और उसके Promoter Director Anil D Ambani ने बैंकों से लिए गए लोन में Rs 3,073 Crore का fraud किया।
- SBI ने 10 नवंबर 2020 को RCOM और अंबानी को “fraud” करार दिया था।
- 5 जनवरी 2021 को CBI में शिकायत भी दर्ज की, लेकिन Delhi High Court के Status Quo आदेश के चलते मामला लंबित रह गया।
- इसके बाद 13 जून 2025 को SBI ने दोबारा RCOM और Anil Ambani को fraud घोषित किया।
- 24 जून 2025 को बैंक ने इस fraud की जानकारी Reserve Bank of India (RBI) को दी और FIR दर्ज करने के लिए CBI को शिकायत भेजी।
CBI ने इसी शिकायत के आधार पर नया केस दर्ज किया और मुंबई सहित कई जगहों पर छापे मारे।
Loan Fraud Case का पूरा ब्योरा
SBI ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि Reliance Communications पर बैंक का भारी बकाया है –
- ₹2,227.64 Crore का Fund-Based Principal Outstanding (26 अगस्त 2016 से ब्याज और खर्च सहित)
- ₹786.52 Crore के Non-Fund-Based Bank Guarantees
यानी कुल ₹3,073 Crore से अधिक का Loan Fraud दर्ज किया गया है।
RCOM फिलहाल Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से गुजर रही है, जो Insolvency and Bankruptcy Code (IBC), 2016 के तहत चल रही है। हालांकि NCLT Mumbai ने अब तक Resolution Plan को मंजूरी नहीं दी है।
CBI Raid: सुबह-सुबह पहुंची टीम
CBI की टीम में शामिल 7-8 अधिकारी सुबह-सुबह अंबानी के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए।
यह पहली बार नहीं है जब अंबानी की कंपनी RCOM और उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई हुई हो। 2020 में भी SBI ने इन्हें fraud घोषित किया था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह वर्गीकरण वापस लेना पड़ा था।
ED भी कर चुका है पूछताछ
यह छापा ऐसे समय पर पड़ा है जब कुछ ही दिन पहले Enforcement Directorate (ED) ने भी Anil Ambani से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। ED का आरोप है कि अंबानी और उनके समूह की कंपनियों ने Yes Bank से लिए गए लोन और अन्य बैंकों के कर्ज में हेराफेरी की और पैसे को shell companies के जरिए विदेश भेजा।
सूत्रों के मुताबिक, ED को शक है कि कुल मिलाकर Anil Ambani Group की कंपनियों ने ₹17,000 Crore से अधिक का fraud किया है।
Parliament में भी उठा मामला
Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary ने संसद में बताया कि SBI ने 13 जून 2025 को आधिकारिक तौर पर Reliance Communications और Anil D Ambani को fraud घोषित किया।
इसके बाद 1 जुलाई 2025 को कंपनी के Resolution Professional ने Bombay Stock Exchange को भी इसकी जानकारी दी।
RCOM की दिवालियापन प्रक्रिया
Reliance Communications लंबे समय से कर्ज के बोझ में डूबी हुई है। 2019 से यह कंपनी CIRP में है और इसका मामला अभी भी NCLT Mumbai में लंबित है। Committee of Creditors ने Resolution Plan मंजूर कर लिया है, लेकिन अभी भी अदालत की मुहर का इंतजार है।
इस बीच, SBI ने Anil Ambani के खिलाफ Personal Insolvency Resolution Process भी शुरू किया है, जिसे NCLT Mumbai सुन रहा है।