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मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने विधानसभा में अपनी सरकार की स्थिति को मजबूत करने के लिए विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया

यह घड़ी झारखंड राजनीति में महत्वपूर्ण है

मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने विधानसभा में अपनी सरकार की स्थिति को मजबूत करने के लिए विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया है। अब, इस प्रस्ताव पर सदन में चर्चा हो रही है, जिससे सरकार की स्थिति स्पष्ट होगी।

आज चंपई सोरेन की अग्निपरीक्षा

 

रविवार को, सभी सत्ताधारी विधायक देर शाम में हैदराबाद से रांची लौट गए हैं। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर रात करीब 10:00 बजे सभी विधायकों की वापसी हुई। यह सुझाव देता है कि विधायक सभी पक्षों से इस महत्वपूर्ण विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए सभी जमा हुए हैं।

मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की ओर से बीजेपी पर हुआ हमला, उन्होंने कहा कि बीजेपी की ओर से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। चंपई सोरेन ने कहा,”हमारे हेमंत बाबू ने जो दीया जलाया है, उसे किसी भी कीमत पर बुझने नहीं देंगे। आप हजार साजिशें कर लो, लेकिन हमारी सरकार झारखंड के आदिवासियों, मूलवासियों, दलितों व आम झारखंडियों के हित में काम करती रहेगी।”

यह घड़ी झारखंड राजनीति में महत्वपूर्ण है और विधायकों की वोटिंग के बाद सरकार की स्थिति स्पष्ट होगी। चर्चा के माध्यम से जुटे सभी सत्ताधारी विधायकों ने राज्य के विकास और सुशासन की दिशा में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस प्रक्रिया के बाद, राज्य की नीतियों और प्रशासनिक मुद्दों पर प्रभाव डालने के लिए सरकार तैयार होगी। जनता को यह आशा है कि चुनौतीपूर्ण समयों में भी राजनीतिक दल और नेता सही दिशा में काम करें और राज्य के विकास के लिए साझा मिलकर काम करें।

जारी बैठक के बाद विधायकों के बीच बहस और चर्चा के बाद, चंपई सोरेन सरकार को विश्वासमत प्राप्त करने का दावा किया है। चंपई सोरेन ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार को गिराने के लिए नकारात्मक तकनीकों का उपयोग कर रहा है और राज्य की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

चंपई सोरेन ने विश्वासमत प्रस्ताव को पारित करने के बाद राज्यपाल और सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया और उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी सरकार ने विकास के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं और जनता के हित में काम किया है।

इस समय, झारखंड विधानसभा में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं और राज्य की राजनीति में उत्तरदाताओं के बीच गहरा विवाद चल रहा है। इस परिस्थिति में सरकार ने विश्वासमत प्राप्त करने के बाद भी अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया है।

जानकारी के अनुसार, झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं, जिनमें से एक सीट रिक्त है। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को कम से कम 41 सीटों की आवश्यकता है। JMM 29 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, कांग्रेस के पास 17 सदस्य हैं, और आरजेडी-सीपीएम के पास एक-एक सीट है। सत्तारूढ़ इंडिया ब्लॉक के पास कुल 48 सदस्य हैं।

वर्तमान में, चंपई सोरेन ने विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा है, जिसमें 43 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इसका मतलब है कि वह सरकार बनाने के लिए कम से कम 41 सदस्यों के समर्थन में है। दूसरी ओर, बीजेपी के पास 26 सदस्य हैं, जो उन्हें विधायक मेजोरिटी तक पहुंचाने के लिए कमी के करीब हैं। आजसू के तीन, एनसीपी के एक, और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन बीजेपी के साथ है।

इस पूरे संदर्भ में, सभी दल और नेताओं के बीच सहमति और समर्थन के संकेतों के बावजूद, विधानसभा में होने वाली विश्वास मत में किसी भी बदलाव की घड़ी को देखते हैं।

Aarambh News
Author: Aarambh News

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