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ऐसी फिल्म जिसे देख बच्चे बने हत्यारे, 900 करोड़ की कमाई, 4 ऑस्कर नॉमिनेशन

मार्च 1972 की बात है। US में महज 14 साल के बच्चे ने एक कत्ल किया था। उसने बेरहमी से अपने साथ पढ़ने वाले बच्चे की जान ले ली थी। जब मामले की जांच शुरू हुई तो बच्चे ने चौंका देने वाला खुलासा किया। उसके कबूलनामे के मुताबिक, उसने हॉलीवुड फिल्म से प्रेरित होकर हत्या की। उस फिल्म का नाम था ए क्लॉकवर्क ऑरेंज। ये इकलौता मामला नहीं था, जब इस फिल्म का नाम किसी हत्या में इस्तेमाल किया गया।

कुछ समय बाद एक बुजुर्ग आदमी की हत्या हुई, जिसमें 16 साल के हत्यारे ने बताया कि उसने भी फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज देखने के बाद हत्या का मन बनाया था। वहीं इस फिल्म के गाने को ब्रूटल रेप के दौरान भी गाया गया था।

1971 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज भयावह हिंसक सीन, रेप और न्यूडिटी से पहले ही सुर्खियों में थी। कई देशों में फिल्म को X रेटिंग तो कहीं C रेटिंग दी गई। हत्या के मामले बढ़ते गए और फिल्म बनाने वाले मशहूर डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक को धमकियां मिलने लगीं। ये अपनी तरह का इकलौता मामला रहा, जब फिल्म के डायरेक्टर ने खुद वॉर्नर ब्रदर्स को खत लिखकर फिल्म को ब्रिटेन में रिलीज होने से रुकवाया था। हालांकि, 27 साल बाद डायरेक्टर की मौत के बाद फिल्म से बैन हटा दिया गया। इसी तरह फिल्म स्पेन, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, आयरलैंड, माल्टा समेत कई देशो में सालों तक बैन रही। हैरानी की बात ये है कि विवादों के बावजूद फिल्म ने 70 के दशक में करीबन 114 मिलियन डॉलर यानी 954 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था।

साल 1962 में मशहूर राइटर एंथनी बर्गेस की नॉवेल ए क्लॉकवर्क ऑरेंज पब्लिश हुई थी। ये नॉवेल ऐसे यूथ की कहानी दर्शाती है, जो हिंसक हैं। सटायरिकल, ब्लैक कॉमेडी और तनाव पैदा करने वाली ये नॉवेल काफी चर्चित रही थी, जिसे आज भी टाइम्स मैगजीन की 20 सबसे बेहतरीन नॉवेल में शामिल किया गया है।

1962 में नॉवेल पब्लिकेशन के ठीक बाद राइटर एंथनी बर्गेस ने फिल्म के राइट्स 500 डॉलर में बेचे थे, जिसकी मौजूदा समय में वैल्यू 5000 डॉलर यानी 4,18,000 रुपए है। शुरुआत में फिल्म में मशहूर रॉक बैंड द रोलिंग स्टोन की कास्टिंग की जाने वाली थी। बैंड के लीड सिंगर मिक जैगर ने फिल्म में एलेक्स का लीड रोल निभाने में दिलचस्पी दिखाई थी। वहीं मशहूर फिल्ममेकर केन रसेल फिल्म के डायरेक्टर बने थे। हालांकि. समय के साथ BBFC (ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म क्लासिफिकेशन) की मदद से फिल्म के राइट्स स्टेनली कुब्रिक को मिल गए।

शुरुआत में नॉवेल राइटर टैरी सदर्न ने नॉवेल ए क्लॉकवर्क ऑरेंज स्टेनली कुब्रिक को भेजी थी। स्टेनली उस समय दूसरी फिल्म में व्यस्त थे, ऐसे में उन्होंने नॉवेल को नजरअंदाज कर दिया। कुछ समय बाद उनकी पत्नी ने वो नॉवेल पढ़ा। उन्हें वो कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने पति स्टेनली को उसे पढ़ने की सलाह दी। जब स्टेनली ने कहानी पढ़ी तो उन्हें भी वह बेहद पसंद आई। उन्होंने खुद चंद बदलाव के साथ फिल्म का स्क्रीनप्ले तैयार किया और फिल्म बनानी शुरू कर दी।

1968 में फिल्म बननी शुरू हुई। डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक इस फिल्म में इंटेंस लीड रोल निभाने के लिए एक्टर की तलाश में थे। इसी बीच उन्होंने 1968 में रिलीज हुई ब्रिटिश सटायरिकल ड्रामा फिल्म ‘इफ’ देखी। उन्हें इस फिल्म के लीड एक्टर मेलकम मैकडॉवेल का काम इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज में एलेक्स के किरदार में उन्हें कास्ट कर लिया। बतौर साइड एक्टर काम करने वाले मेलकम मैकडॉवेल ने फिल्म ‘इफ’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया था। इसके बाद वो 2 और फिल्मों में नजर आए थे, हालांकि तब तक उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिली थी। मेलकम मैकडॉवेल की कास्टिंग पर डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक ने कहा था कि वो स्क्रीन पर इंटेलिजेंस लाएंगे।

कैसे तैयार हुआ एक्टर्स का लुक?

फिल्म में क्रिमिनल गैंग का लुक तैयार करने में एक्टर मेलकम मैकडॉवेल की अहम भूमिका रही। उन्होंने डायरेक्टर स्टेनली को अपने पास रखी क्रिकेट ड्रेस दिखाई। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि सिरफिरे क्रिमिनल्स के किरदार को बखूबी दिखाने के लिए क्रिकेट ड्रेस के अंदर पहने जाने वाले वेस्टबैंड जैसे जॉकस्ट्रैप्स को पैंट के अंदर की बजाय बाहर पहनाया जाए। डायरेक्टर स्टेनली को मेलकम का आइडिया काफी पसंद आया और उन्होंने फिल्म के क्रिमिनल गैंग की ड्रेस उनके कहे अनुसार तय की।

फिल्म की शूटिंग के दौरान लीड एक्टर हुआ अंधा, सेट पर रखे गए असली डॉक्टर

फिल्म की शूटिंग शुरू हुए चंद दिन ही हुए थे कि लीड एक्टर मेलकम ने अपनी आंखों के कॉर्निया को खरोंच लिया, जिससे उन्हें देखने में दिक्कत होने लगी। समय के साथ उनका अंधापन बढ़ने लगा, जिससे शूटिंग में दिक्कत होने लगी।

एक्टर मेलकम की कंडीशन बिगड़ने के चलते फिल्म के एक सीन में असल डॉक्टर्स रखे गए थे। स्क्रिप्ट के अनुसार, जेल से निकलते के बाद एलेक्स के साथ एक मेडिकल एक्सपेरिमेंट किया जाता है, जिसमें डॉक्टर्स कुछ इक्विपमेंट्स की मदद से एलेक्स की आंखें खोलकर रखते हैं और उसे फिल्म दिखाते हुए उसकी आंखों में सलाइन डालते हैं। इस सीन की शूटिंग के दौरान एक्टर मेलकम की आखों में असली सलाइन डाला गया था, जिसके लिए असली डॉक्टर्स इस्तेमाल किए गए थे। इस दौरान मेलकम मैकडॉवेल की आंखों की रोशनी चली गई थी।

सेट पर टूटी एक्टर की पसलियां

फिल्म में एलेक्स के साथ मंच पर होती बर्बरता दिखाई गई थी। इसे असल दिखाने के लिए एलेक्स के को-एक्टर ने उन्हें इस कदर मारा कि उनकी कई पसलियां टूट गई थीं।

60 के दशक में जब फिल्म बनना शुरू हुई, उस दौर में स्पेशल इफेक्ट्स की कमी थी। ऐसे में फिल्ममेकर ने एलेक्स को ऊंचाई से जमीन पर गिरते दिखाने और व्यू पॉइंट लेने के लिए असल में कैमरा फेंका था। हैरानी की बात ये रही कि 6 टेक्स तक कैमरा टूटा नहीं।

BBFC से पास होने के बाद फिल्म को 19 दिसंबर 1971 में सबसे पहले न्यूयॉर्क में रिलीज किया गया था, जहां फिल्म को क्रिटिक्स के मिले-जुले रिव्यू मिले थे। इसके बाद फिल्म को UK, US में एक-एक महीने के अंतराल में रिलीज किया गया था। 1972 में जब फिल्म को यूनाइटेड स्टेट्स में रिलीज किया जाना था तो फिल्म के सेक्सुअल कंटेंट के चलते इसे X रेटिंग (ओनली फॉर एडल्ट्स) दी गई थी। हालांकि, ऑडियंस लिमिट के चलते डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक इससे नाखुश थे। उन्होंने फिल्म को R रेटिंग दिलाने के लिए फिल्म में दिखाए गए दो सीन्स से 30 सेकेंड के सेक्सुअल सीन्स हटाए और फिल्म की री-रिलीज करवाया।

फिल्म रिलीज तो हुई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। नेशनल कैथलिक ऑफिस फॉर मोशन पिक्चर ने फिल्म को C रेटिंग (निंदनीय) दी। इस रेटिंग के अनुसार, रोमन कैथलिक्स इस फिल्म को न देखने का सुझाव देते हैं। 1982 में ऑफिस ने फिल्म को O रेटिंग दी, जिसके अनुसार फिल्म आक्रामक है।

कई हत्याओं की प्रेरणा बनी फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज

​​​​​​​फिल्म को ब्रिटेन में रिलीज किया जाना था, हालांकि इससे पहले ही फिल्म का नाम कई हत्याओं से जुड़ गया। मार्च 1972 में 14 साल के बच्चे ने अपने क्लासमेट की हत्या करने के बाद कबूला कि उसने फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज देखने के बाद हत्या की थी। जांच में पाया गया कि फिल्म में दिखाई गई हत्या और उस केस में काफी समानता थीं।

कुछ समय बाद ही इस तरह का दूसरा मामला सामने आया। 16 साल के लड़के ने फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज के ओपनिंग सीन से प्रेरित होकर एक बुजुर्ग आदमी की बेरहमी से हत्या कर दी। उसके दोस्त ने उसे फिल्म के बारे में बताया था, जिसे देखने के बाद उसने हूबहू वैसी ही हत्या की। कोर्ट में डिफेंस ने ये साबित कर दिया कि फिल्म का इन हत्याओं से सीधा संबंध है। हत्याओं के साथ ही सामने आया कि फिल्म का गाना सिंगिंग इन द रेन गाते हुए एक शख्स ने रेप किया। उसने फिल्म की ही तरह रेप करते हुए वो गाना गाया था।

डायरेक्टर ने खुद रुकवाई फिल्म की रिलीज, कई देशों में सालों तक रही बैन

विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक ने खुद वॉर्नर ब्रदर्स से विनती कर ब्रिटेन में फिल्म रिलीज होने से रोक लगवा दी। ऐसे में करीब 27 सालों तक UK में भी फिल्म दिखाने पर रोक लगा दी गई। हालांकि 1999 में डायरेक्टर स्टेनली कुब्रिक की मौत के बाद फिल्म को थिएटर्स में रिलीज किया गया।

10 अप्रैल 1973 में आयरलैंड में भी फिल्म को बैन कर दिया गया था। हालांकि, 13 दिसंबर 1999 को फिल्म को पास कर दिया गया और 17 मार्च 2000 को फिल्म को दोबारा रिलीज किया गया। जब फिल्म रिलीज होने को आई तो सेंसर बोर्ड के हेड शीमस स्मिथ को फिल्म के पोस्टर से आपत्ति थी, जिसमें अल्ट्रा वायलेंस और रेप जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। बाद में फिल्म के पोस्टर में भी बदलाव किए गए थे।

सिंगापुर में भी ये फिल्म 30 सालों तक बैन रही। 2006 में फिल्म से बैन हटाने की कोशिश की गई, हालांकि, ये कोशिश नाकाम रही। सालों बाद 28 अक्टूबर 2011 को R21 रेटिंग के साथ फिल्म से लगा बैन हटाया गया था।

साउथ अफ्रीका में भी फिल्म 13 सालों तक बैन रही थी। 1984 में फिल्म का एक अनकट वर्जन रिलीज हुआ। हालांकि, 21 साल से कम उम्र के लोगों को यह फिल्म देखने की मनाही थी।

साउथ कोरिया में भी फिल्म सालों तक बैन रही। हालांकि, सालों बाद R रेटिंग के साथ फिल्म से लगा बैन हट चुका है।

ब्राजील में भी फिल्म 1978 तक बैन रही थी। हालांकि, जब फिल्म रिलीज की गई तो उसमें एक्टर्स के प्राइवेट पार्ट को ब्लैक डॉट के साथ छिपा दिया गया था।

स्पेन में भी फिल्म 1975 तक बैन रही। साल 1975 में फ्रांसिस्को फ्रैंको की तानाशाही में फिल्म को वालाडोलिड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रिलीज किया गया था। फिल्म की एक स्क्रीनिंग यूनिवर्सिटी ऑफ वालाडोलिड में होने वाली थी, हालांकि स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट के चलते ऐसा नहीं हो सका। प्रोटेस्ट के चलते यूनिवर्सिटी 2 महीने तक बंद रही थी। फिल्म साल 2000 तक माल्टा में भी बैन रही थी।

ऑस्कर सेरेमनी में फिल्म को मिले थे 4 नॉमिनेशन

फिल्म भले ही हत्याओं से जोड़े जाने पर विवादों में रही, हालांकि 44वीं ऑस्कर सेरेमनी में फिल्म को 4 केटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। इनमें बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट एडिटिंग शामिल हैं।

दुनिया की सबसे बेहतरीन हिंसक फिल्मों में शामिल है फिल्म

​​​​​​​फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज हिंसक फिल्मों के लिए एक मील का पत्थर है। अमेरिकन फिल्म इंस्टीट्यूट ने 1998 में इस फिल्म को टॉप-100 फिल्मों की लिस्ट में 70वें नंबर पर जगह दी थी। वहीं फिल्म के लीड एक्टर मेलकम द्वारा निभाया गया नेगेटिव रोल एलेक्स इस इंस्टीट्यूट के 100 बेहतरीन विलेन की लिस्ट में 12वें नंबर पर है।

2012 में ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट के एक पोल में फिल्म को 75वीं रैंकिंग मिली थी। 2010 में टाइम मैगजीन ने फिल्म को 10 वायलेंट फिल्मों की लिस्ट में 7वीं जगह दी। द गार्जियन ने 25 बेहतरीन आर्टहाउस फिल्मों की लिस्ट में ए क्लॉकवर्क ऑरेंज को 11वीं रैंकिंग दी थी।

अगले शनिवार 29 जून को पढ़िए कहानी गोल्डन ग्लोब नॉमिनी शैरीन मैरी मेट की, जिनकी 8 महीने की प्रेग्नेंसी में बेरहमी से हत्या की गई थी।

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