Delhi midnight bulldozer action: रामलीला मैदान के पास अवैध निर्माण पर कार्रवाई, भीड़ के पथराव से हालात बिगड़े
Delhi midnight bulldozer action: दिल्ली की सर्द रात में जब अधिकतर लोग सो रहे थे, तभी तुर्कमान गेट इलाके में अचानक हलचल तेज हो गई। रात करीब एक बजे रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद से सटी जमीन पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। यह अभियान दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली नगर निगम द्वारा चलाया गया।
Faiz-e-Ilahi Mosque demolition: क्यों हुई आधी रात कार्रवाई?
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में, रामलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर अवैध निर्माण हटाने के लिए 6 जनवरी की देर रात करीब 1 बजे कार्रवाई की गई। यह अभियान दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली नगर निगम (MCD) ने चलाया। रात का समय इसलिए चुना गया ताकि दिन में भीड़ और ट्रैफिक की परेशानी न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
17 बुलडोजर, बारात घर से दुकानों तक ध्वस्तीकरण
एमसीडी ने इस अभियान के लिए 17 बुलडोजर लगाए। कार्रवाई के दौरान वहां बने बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और कई दुकानें ढहाई गईं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण लंबे समय से अवैध था और अदालत के निर्देशों के बाद ही इसे हटाया गया।
पथराव से बढ़ा तनाव, पांच पुलिसकर्मी घायल
जब ध्वस्तीकरण चल रहा था, उसी दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़कर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ को खदेड़ा गया और स्थिति पर काबू पाया गया।
पुलिस की सख्त तैयारी: इलाका 9 जोन में बांटा गया
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा। हर जोन की जिम्मेदारी एडीसीपी स्तर के अधिकारी को दी गई। संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पहले अमन कमेटी और स्थानीय लोगों के साथ कई समन्वय बैठकें भी की गई थीं, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।
वरिष्ठ अधिकारियों का बयान: हालात काबू में
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। वहीं डीसीपी निधिन वलसन ने स्पष्ट किया कि एमसीडी की यह कार्रवाई न्यायिक आदेश के तहत हो रही है और इसे कानून के दायरे में, पेशेवर तरीके से पूरा किया जा रहा है।
वीडियो से होगी पहचान, कार्रवाई जारी
पुलिस के मुताबिक, पथराव में शामिल शरारती तत्वों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। एमसीडी ने भी कहा है कि जहां-जहां अदालत के आदेश लागू होते हैं, वहां अभियान आगे भी जारी रह सकता है।
स्थानीय लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इलाके के कुछ लोगों ने कार्रवाई को कानून का पालन बताया, तो कुछ ने रात में बुलडोजर चलाने पर नाराजगी जताई। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था; कार्रवाई केवल अवैध ढांचों तक सीमित रही।
प्रशासन का संदेश: कानून सर्वोपरि
दिल्ली पुलिस और एमसीडी दोनों ने साफ किया कि शहर में अतिक्रमण को लेकर अदालत के निर्देशों का पालन जरूरी है। साथ ही, कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि हर कदम संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाया जा रहा है।
निष्कर्ष
तुर्कमान गेट में हुई यह आधी रात की कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के मुद्दे कितने संवेदनशील हैं। अदालत के आदेशों का पालन करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी। आने वाले दिनों में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद और विश्वास ही ऐसे हालात से निपटने का सबसे बेहतर रास्ता है।
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