Dog Attack CCTV Video: पट्टे पर था फिर भी हमला! वायरल वीडियो ने उठाए पालतू जानवरों की जिम्मेदारी पर सवाल
Dog Attack CCTV Video: 10 फरवरी 2026 के आसपास सोशल मीडिया पर एक CCTV वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिखता है कि एक रिहायशी कॉलोनी में एक कुत्ता अचानक अपना पट्टा तोड़कर या बिना नियंत्रण के साइकिल से जा रही महिला पर झपट पड़ता है। महिला, जिसे लोग घरेलू कामगार बता रहे हैं, अचानक हुए हमले से घबरा जाती है, संतुलन खो बैठती है और पास खड़ी गाड़ियों के बीच गिर जाती है।
यह पूरा दृश्य कुछ ही सेकंड का है, लेकिन इसका असर गहरा है। महिला की चीख, कुत्ते का आक्रामक व्यवहार और आसपास खड़े लोगों की बेबसी—यह सब देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सवालों के घेरे में पालतू जानवरों के मालिक
इस वीडियो के सामने आते ही सबसे बड़ा सवाल यही उठा— क्या पालतू जानवरों के मालिक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं?
लोगों ने कमेंट में लिखा कि अगर कुत्ता पट्टे पर था, तो वह कैसे छूट गया? और अगर नहीं था, तो रिहायशी इलाके में खुले में क्यों छोड़ा गया? कई यूज़र्स ने यह भी कहा कि “लाड़-प्यार में पाले गए पालतू कुत्ते, जब नियंत्रण से बाहर होते हैं, तो वे भी उतने ही खतरनाक हो सकते हैं जितने आवारा कुत्ते।”
कुछ लोगों ने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि जुर्माना और कानूनी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सिर्फ एक घटना नहीं, देशभर की समस्या
यह मामला अकेला नहीं है। भारत में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, चाहे वे पालतू हों या आवारा।
सरकारी और स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- साल 2022 में देशभर में 30 लाख से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए।
- 2024 तक यह संख्या बढ़कर करीब 37 लाख तक पहुंच गई।
- यानी सिर्फ तीन साल में लगभग 70% की बढ़ोतरी।
यह आंकड़े सिर्फ चोट की कहानी नहीं कहते, बल्कि एक और डर भी दिखाते हैं— रेबीज का खतरा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में रेबीज से होने वाली कुल मौतों में से करीब 36% भारत में होती हैं।
शहरों में बढ़ता टकराव: सुरक्षा बनाम पशु प्रेम
शहरी भारत में आज एक अजीब टकराव देखने को मिल रहा है।
एक तरफ पशु प्रेमी हैं, जो कुत्तों के अधिकार और उनके साथ मानवीय व्यवहार की बात करते हैं।
दूसरी तरफ आम नागरिक हैं—बुजुर्ग, बच्चे, कामकाजी महिलाएं—जो रोज़ डर के साथ सड़कों और सोसायटी में चलते हैं।
इस वायरल वीडियो ने इस टकराव को और गहरा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं:
- क्या हर पालतू कुत्ते के लिए पट्टा और मज़ल (मुंह पर जाली) अनिवार्य नहीं होनी चाहिए?
- क्या मालिक की लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?
- अगर किसी को गंभीर चोट या जान का नुकसान हो जाए, तो जिम्मेदार कौन होगा?
कानून है, लेकिन पालन कहां?
भारत में कई नगर निगमों और अदालतों ने पहले भी निर्देश दिए हैं कि:
- पालतू कुत्तों को सार्वजनिक जगहों पर पट्टे पर रखना अनिवार्य है।
- आक्रामक स्वभाव या बड़ी नस्ल के कुत्तों के लिए मज़ल जरूरी हो सकता है।
- मालिक की लापरवाही से किसी को नुकसान होता है, तो वह कानूनी रूप से जिम्मेदार होगा।
लेकिन हकीकत यह है कि इन नियमों का पालन अक्सर कागज़ों तक ही सीमित रह जाता है।
एक वीडियो, कई चेतावनियां
10 फरवरी 2026 का यह CCTV वीडियो एक चेतावनी है—
कि समस्या सिर्फ आवारा कुत्तों की नहीं, अनियंत्रित पालतू जानवरों की भी है।
यह चेतावनी प्रशासन के लिए है, जो नियम बनाकर भूल जाता है।
और यह चेतावनी पालतू जानवरों के मालिकों के लिए है, जिनकी एक छोटी लापरवाही किसी की जिंदगी बदल सकती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों और आम लोगों की राय साफ है:
- पालतू जानवरों के लिए सख्त नियमों का पालन जरूरी है।
- मालिकों को ट्रेनिंग, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दिखानी होगी।
- और प्रशासन को शिकायतों को “छोटी घटना” समझकर नजरअंदाज करना बंद करना होगा।
क्योंकि अगला वायरल वीडियो शायद सिर्फ गिरने का नहीं, किसी की जान जाने का भी हो सकता है।
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