तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
Ghaziabad Suicide Case: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। भारत सिटी सोसाइटी के बी-1 टावर में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
एक ही फ्लैट, एक ही वक्त और एक साथ मौत
जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी के बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 में रहने वाली तीनों बहनें—निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष)—ने एक साथ बालकनी से छलांग लगा दी। सोसाइटी के गार्ड और स्थानीय लोगों ने जब तीनों को नीचे गिरे देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस टीम ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार में कोहराम
तीनों बहनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता चेतन और मां इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि तीनों बहनें बेहद करीब थीं और हर काम साथ-साथ किया करती थीं—चाहे नहाना हो, खाना, पढ़ाई, स्कूल जाना या सोना। परिवार को अब तक यकीन नहीं हो पा रहा कि तीनों ने एक साथ इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया।
मोबाइल गेम की लत
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कोरोना काल के दौरान तीनों बहनों को मोबाइल फोन की आदत लग गई थी। लॉकडाउन के समय ऑनलाइन पढ़ाई और घर में सीमित गतिविधियों के चलते उनका स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ता चला गया। बताया जा रहा है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन लवर गेम खेलती थीं, जिसमें अलग-अलग स्तरों पर चुनौतीपूर्ण टास्क पूरे करने होते हैं।
क्या गेम के टास्क से जुड़ा है आत्महत्या का फैसला?
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं तीनों बहनों ने किसी गेम टास्क या ऑनलाइन चैलेंज के दबाव में आकर यह कदम तो नहीं उठाया। हालांकि अभी तक ऐसा कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, गेम ऐप्स और ऑनलाइन गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
स्कूल जाना भी हो गया था अनियमित
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों बहनों का स्कूल जाना भी पिछले कुछ समय से नियमित नहीं था। परिजनों ने भी माना है कि पढ़ाई के प्रति उनका रुझान धीरे-धीरे कम हो रहा था। तीनों अधिकतर समय मोबाइल फोन पर ही व्यस्त रहती थीं और सामाजिक गतिविधियों से कटती जा रही थीं।
सोसाइटी में पसरा सन्नाटा
इस घटना के बाद भारत सिटी सोसाइटी में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि तीनों बच्चियां शांत स्वभाव की थीं और कभी किसी से झगड़ा या परेशानी की बात सामने नहीं आई। एक साथ तीन मासूम जिंदगियों का यूं खत्म हो जाना हर किसी को झकझोर कर रख गया है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है—चाहे वह मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा हो, ऑनलाइन गेमिंग का प्रभाव, पारिवारिक वातावरण या किसी बाहरी दबाव की आशंका। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
विशेषज्ञों की चेतावनी
यह घटना एक बार फिर बच्चों में बढ़ती मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनसे नियमित संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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