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हाथरस भगदड़: 116 लोगों की मौत, बाबा साकार हरि का अता-पता नहीं

घटना का देशव्यापी असर

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दुखद घटना घटी, जिसमें स्वयंभू संत भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 116 लोगों की जान चली गई। इस घटना की गूंज पूरे देश में सुनाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हालांकि, सत्संग का आयोजन करवाने वाले नारायण साकार हरि का इस घटना पर कोई भी बयान सामने नहीं आया है और घटना के बाद से बाबा का कोई अता-पता नहीं है।

बाबा साकार हरि का ठिकाना: रामकुटीर आश्रम

मिली जानकारी के अनुसार, बाबा नारायण साकार हरि हाथरस से सीधे मैनपुरी के रामकुटीर आश्रम पहुंच गए हैं। आश्रम के बाहर प्राइवेट सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और आश्रम में बाहर के लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। मीडियाकर्मियों और अन्य बाहरी लोगों को आश्रम के अंदर जाने से पूरी तरह से रोक दिया गया है। बाबा की रामकुटीर आश्रम में मौजूदगी के बारे में सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्होंने बाबा को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच आश्रम में प्रवेश करते देखा था, लेकिन इसके बाद उन्हें आश्रम से बाहर नहीं देखा गया।

भोले बाबा का विवादास्पद इतिहास

भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि बाबा अपने भक्तों के सामने कई तरह के दावे करते हैं। वह कासगंज के पटियाली गांव के निवासी हैं और उत्तर प्रदेश पुलिस में 18 साल की नौकरी करने के बाद वीआरएस ले चुके हैं। बाबा का दावा है कि वीआरएस के बाद उन्हें भगवान के साक्षात दर्शन हुए थे। उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर रहते हुए बाबा 28 साल पहले इटावा में पोस्टेड थे। इसके अलावा बाबा पर यौन शोषण समेत अन्य गंभीर आरोप भी हैं, जिनके चलते उनका विवादों से गहरा नाता रहा है।

इस दुखद घटना के बाद पूरा देश शोकाकुल है और सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बाबा नारायण साकार हरि कब और कैसे इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगे। आश्रम के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजामात और बाबा की चुप्पी ने इस मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है। इस बीच, लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा और दुख दोनों ही बढ़ते जा रहे हैं।

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