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सरकारी स्कूल में हेडमास्टर की बर्बरता: 13 छात्र घायल

सीतामढ़ी जिले के चोरौत थाना क्षेत्र का मामला
सीतामढ़ी जिले के चोरौत थाना क्षेत्र के परिगामा पंचायत में स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में हेडमास्टर ब्रजेश कापर द्वारा छात्रों के साथ की गई बर्बरता का मामला सामने आया है। हेडमास्टर ने लगभग 13 छात्रों को बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया। इस घटना ने स्कूल प्रशासन और बच्चों के अभिभावकों के बीच आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

सड़ा हुआ भोजन खाने पर मचा हंगामा
घायल बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में सड़ा हुआ और कीड़ा वाला खाना खिलाया जा रहा था। बीते दिन हेडमास्टर ने बच्चों को सड़ा हुआ फल बांटा, जिसे लेने से बच्चों ने इनकार कर दिया। इससे हेडमास्टर ब्रजेश कापर क्रोधित हो गए और बच्चों से अलग-अलग प्रश्न पूछकर उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। बच्चों की पिटाई की खबर मिलने पर अभिभावकों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।

पुलिस और स्वास्थ्य केंद्र की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच की। घायल बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टर विकास कुमार ने बताया कि सभी घायल बच्चों का प्राथमिक इलाज किया गया है। बच्चों के हाथ, बांह और आंखों में चोटें आई हैं। जिनके हाथों पर ज्यादा चोटें हैं उन्हें एक्स-रे के लिए भेजा गया है। इस घटना से बच्चों और उनके अभिभावकों में भय और गुस्से का माहौल है।

बीईओ का बयान और आश्वासन
बीईओ सुधीर राय ने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा, “अगर टीचर ने बच्चों की पिटाई की है, तो यह निंदनीय है। हम मामले की जांच करेंगे और दोषी टीचर पर उचित कार्रवाई करेंगे।”

घायल बच्चों की पहचान
घायल बच्चों में कक्षा 8वीं के छात्र अमित कुमार, लव कुमार, अजीत कुमार, विक्की कुमार, सचिन कुमार, मणि कुमारी, शिवम कुमार और अमित कुमार शामिल हैं। इसके अलावा कक्षा 7वीं के छात्र लव कुमार, लक्ष्मी कुमारी, सपना कुमारी, खुशी कुमारी और कक्षा 6 के छात्र ऋषि कुमार भी घायल हुए हैं।

थाने में आवेदन और आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य जांच के बाद सभी घायल बच्चे और उनके अभिभावक थाने पहुंच गए, जहां थानाध्यक्ष सुखविंद्र नैन ने उन्हें आवेदन देने की सलाह दी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस घटना ने स्कूल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के उपाय
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है। विद्यालय प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को स्वच्छ और स्वस्थ भोजन मिले। साथ ही, शिक्षकों को बच्चों के साथ सही व्यवहार करना सिखाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना भी जरूरी है।

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