हुडा कट्टन की पोस्ट से नाराज़ हुआ ईरानी समुदाय
Huda Beauty Controversy: हुडा कट्टन कभी सिर्फ एक ब्यूटी इन्फ्लुएंसर नहीं रहीं। उन्होंने सोशल मीडिया के दम पर एक ऐसा ब्रांड खड़ा किया, जिसने ग्लोबल ब्यूटी इंडस्ट्री की दिशा बदल दी। लैश एक्सटेंशन से शुरुआत कर अरबों डॉलर के “Huda Beauty” साम्राज्य तक का उनका सफर कई महिलाओं के लिए प्रेरणा रहा है। यूट्यूब ट्यूटोरियल्स, इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉक वीडियोज़ के ज़रिए उन्होंने न सिर्फ ट्रेंड बनाए, बल्कि एक मजबूत डिजिटल पहचान भी गढ़ी।
लेकिन इस बार चर्चा मेकअप या बिज़नेस स्ट्रैटेजी को लेकर नहीं है। इस बार हुडा कट्टन एक गंभीर भू-राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं—और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तालियों की नहीं, तीखी आलोचना की है।
जब ग्लैमर और राजनीति आमने-सामने आए
हुडा कट्टन अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं। वह लंबे समय से खुद को “फ्री फिलिस्तीन” समर्थक के तौर पर सार्वजनिक मंचों पर व्यक्त करती रही हैं। उन्होंने कई बार वैश्विक राजनीति और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी है। हालांकि, उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, खासकर ईरानी समुदाय के बीच।
विवाद की जड़ एक वीडियो है, जिसे कट्टन ने अपने प्लेटफॉर्म पर साझा किया। इस वीडियो में कथित तौर पर ईरान में सरकार समर्थक प्रदर्शनकारी क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट को विरोध प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन कई यूज़र्स ने इसे ईरानी सरकार के पक्ष में प्रचार सामग्री के तौर पर देखा।
ईरानी समुदाय क्यों नाराज़ है?
सोशल मीडिया पर ईरानी यूज़र्स ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हुडा कट्टन की आलोचना शुरू हो गई। उनका आरोप है कि इस वीडियो ने ईरान में चल रहे जमीनी विरोध प्रदर्शनों की वास्तविकता को गलत तरीके से पेश किया। आलोचकों का कहना है कि ईरान में बड़ी संख्या में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन वीडियो में उन आवाज़ों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
कई यूज़र्स ने यह भी कहा कि एक वैश्विक ब्यूटी आइकन द्वारा इस तरह की सामग्री साझा करना राजनीतिक संघर्षों को अत्यधिक सरलीकृत करता है। उनके मुताबिक, करोड़ों फॉलोअर्स वाले प्लेटफॉर्म पर किसी एक पक्ष को बढ़ावा देना गलत सूचना फैलाने जैसा है।
पुराने विवादों की परछाईं
यह पहला मौका नहीं है जब हुडा कट्टन विवादों में घिरी हों। पिछले वर्ष भी उन्होंने टिकटॉक पर कुछ ऐसे वीडियो साझा किए थे, जिनमें वैश्विक त्रासदियों के पीछे इज़राइल की भूमिका को लेकर षड्यंत्रकारी दावे किए गए थे। इन बयानों पर यहूदी समुदायों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टिकटॉक ने इन वीडियोज़ को अपनी नीतियों का उल्लंघन मानते हुए हटा दिया था। इसके कुछ समय बाद, Huda Beauty को सेफोरा के कुछ अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स से हटाए जाने की खबरें भी सामने आईं, जिससे ब्यूटी इंडस्ट्री में हलचल मच गई।
प्रभाव, मंच और जिम्मेदारी
हुडा कट्टन आज भी दुनिया की सबसे प्रभावशाली ब्यूटी एंटरप्रेन्योर्स में गिनी जाती हैं। फोर्ब्स जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में उनका नाम आ चुका है और उनके ब्रांड का वैश्विक प्रभाव निर्विवाद है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे प्रभाव बढ़ता है, वैसे-वैसे जवाबदेही भी बढ़ती है।
डिजिटल युग में एक पोस्ट, एक वीडियो या एक स्टोरी सेकंडों में दुनिया भर में फैल जाती है। ऐसे में सार्वजनिक हस्तियों से अपेक्षा की जाती है कि वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
इंटरनेट की अदालत में फैसला बाकी
हुडा कट्टन के समर्थक उन्हें एक मुखर और साहसी आवाज़ मानते हैं, जो अन्याय के खिलाफ बोलने से नहीं डरतीं। वहीं, आलोचक कहते हैं कि प्रभावशाली लोगों को भावनाओं से नहीं, तथ्यों और संतुलन से बोलना चाहिए।
फिलहाल, यह विवाद इस बात की याद दिलाता है कि आज के दौर में सुंदरता, प्रभाव और राजनीति का मेल जितना ताकतवर है, उतना ही जोखिम भरा भी। और जब कोई व्यक्ति इतना वैश्विक और प्रभावशाली हो, तो इंटरनेट सिर्फ इरादे नहीं—सही जानकारी और जिम्मेदारी भी चाहता है।





