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2030 तक विश्व का एक-तिहाई दूध उत्पादन करेगा भारत

दूध उत्पादन 24%
 विश्व के दूध उत्पादन का 24% भारत से 

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, मिनेश शाह ने कहा कि 2030 तक भारत में दूध उत्पादन विश्व के कुल उत्पादन की तुलना में 30% तक पहुंच जाएगा और देश विश्व में एक-तिहाई दूध का उत्पादन करेगा।

शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए मिनेश शाह ने कहा, “विश्व में हम सबसे बड़े दूध उत्पादक हैं। वास्तव में विश्व के दूध उत्पादन का 24% हम कर रहे हैं। इससे हमारे देश की जीडीपी को 4 से 5% मिल रहा है। अब हमारी योजना विश्व में हमारी हिस्सेदारी को 24% से बढ़ाकर 2030 तक 30% करने की है। इस तरह विश्व में एक चौथाई से बढ़कर एक तिहाई दूध का उत्पादन हमारे देश में होगा”।

लेकिन ऐसा होने के लिए हम हमारे जानवरों की उत्पादकता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। भले ही हम विश्व में सबसे बड़े दूध उत्पादक हैं पर हमारे जानवरों की उत्पादकता उस स्तर की नहीं है यदि हम विकसित देशों से तुलना करें तो। इसलिए हम भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन प्रोग्राम के साथ जानवरों की ब्रीडिंग को इंप्रूव करने के लिए काम कर रहे हैं”, मिनेश शाह ने कहा।

“हम जानवरों की जेनेटिक्स को इंप्रूव कर रहे हैं, साथ ही साथ स्वदेशी तकनीक की सहायता से उनके स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रहे हैं। किसानों के लिए गंभीर समस्या बनी खुरपका-मुंहपका रोग (Foot-and-mouth disease-FMD) और ब्रूसेलोसिस (Brucellosis) रोगों के रोकथाम के लिए भारत सरकार मुफ्त वैक्सीनेशन लेकर आई है। तो ब्रीडिंग, पोषण और स्वास्थ्य – यह तीन क्षेत्र है जहां हम मिलकर काम कर रहे हैं”।

डेयरी के क्षेत्र में रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग पर बात करते हुए एनडीडीबी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि एनडीडीबी कोशिश कर रहा है कि वह डेयरी के क्षेत्र में 2050 या 2070 तक नेट जीरो बन जाए।

“हमारे प्रधानमंत्री ने पहले ही यह विज़न दे दिया है कि 2070 तक देश नेट जीरो बन जाएगा। यदि ऐसा होना है तो डेयरी को भी योगदान देना पड़ेगा क्योंकि जानवर सबसे ज़्यादा मीथेन उत्सर्जन कर रहे हैं जो कि पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है”।

“इसलिए हम राशन संयोजन प्रोग्राम के माध्यम से मीथेन उत्सर्जन को घटाने की कोशिश कर रहे हैं। गोबर, जिसमें मेथेन होता है, हम कोशिश कर रहे हैं कि इसको उत्पादकता के साथ इस्तेमाल करें, बायोगैस के तौर पर, जो किसानों को दिया जाता है। हम सभी गांवों में डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सोलर रूफ टॉप पर भी काम कर रहे हैं”, उन्होंने आगे कहा।

एक माह पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अपने बजट 2024 भाषण में कहा था “डेयरी किसानों को समर्थन देने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। खुरपका-मुंहपका रोग पर नियंत्रण के लिए पहले से ही प्रयास जारी हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है लेकिन दुधारू पशुओं की उत्पादकता कम है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन और डेयरी प्रसंस्करण और पशुपालन के लिए बुनियादी ढांचा विकास निधि जैसी मौजूदा योजनाओं की सफलता पर बनाया जाएगा”।  

 

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