Iran protests में प्रदर्शनकारी Irfan Sultani को आज सरेआम फांसी दी जा सकती है, ट्रम्प बोले– भारी कीमत चुकानी होगी
ईरान में जारी देशव्यापी सरकार विरोधी Iran protests बुधवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गए हैं। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बीच 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी Irfan Sultani को फांसी दिए जाने की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों की चिंता और बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी नई ऊंचाई पर पहुंच गया है।
Irfan Sultani को निष्पक्ष ट्रायल का मौका नहीं दिया गया
ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक,Irfan Sultani को 8 जनवरी को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। महज तीन दिन बाद, 11 जनवरी को ईरानी अदालत ने उन्हें हिंसा भड़काने का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुना दी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Irfan Sultani को न तो निष्पक्ष ट्रायल का मौका दिया गया और न ही वकील या अपील की अनुमति मिली। उनके परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की इजाजत दी गई है। अधिकारियों ने परिजनों को बताया है कि 14 जनवरी को सजा पर अमल किया जा सकता है।
‘मोहरेबेह’ का आरोप क्या है?
Irfan Sultani पर ‘मोहरेबेह’ यानी “भगवान के खिलाफ जंग छेड़ने” का आरोप लगाया गया है। यह ईरानी कानून में सबसे गंभीर अपराधों में से एक माना जाता है, जिसकी सजा आमतौर पर फांसी होती है।
यह धारा अक्सर उन लोगों पर लगाई जाती है, जिन पर सरकार के खिलाफ विद्रोह या सशस्त्र संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप होता है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार इस कानून का दुरुपयोग कर रही है।
Iran protests में मौत के आंकड़ों पर विरोधाभास
ईरान में हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
CNN के मुताबिक अब तक 2,400 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह आंकड़ा करीब 2,000 बताया है।
वहीं, ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि बीते 17 दिनों में 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है।
वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर मृतक 30 साल से कम उम्र के थे और ज्यादातर हत्याएं रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स ने कीं।
इंटरनेट बंद कर जानकारी छिपाने का आरोप
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार ने इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर दी हैं, ताकि हिंसा की असल तस्वीर दुनिया तक न पहुंचे। दावा है कि 8 और 9 जनवरी की रात को सबसे ज्यादा हत्याएं हुईं, जिनके आदेश सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने दिए।
ट्रम्प की सख्त चेतावनी
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करते हैं, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के लोगों से प्रदर्शन जारी रखने और सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
इसके जवाब में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर ईरानी लोगों की हत्या का आरोप लगाया।
सैन्य कार्रवाई फिलहाल टली, लेकिन दबाव जारी
ट्रम्प ने यह भी बताया कि ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है, हालांकि अमेरिकी सेना को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ईरान की ओर से निजी चैनलों के जरिए बातचीत के संकेत मिले हैं, लेकिन सार्वजनिक बयानों में तेहरान का रुख अलग है।
ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ
ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होने की बात कही गई है। हालांकि, इस पर अब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं हुआ है।
रॉयटर्स के अनुसार, ईरान से व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है।
आर्थिक संकट और रियाल की गिरावट
ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों से जूझ रही है। हालात यह हैं कि ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत लगभग शून्य के करीब पहुंच गई है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है।
निर्वासित क्राउन प्रिंस से गुप्त मुलाकात
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक, ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने हाल ही में ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से गुप्त मुलाकात की। रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं और लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं।
इंटरनेट बंद होने से पहले दिए गए संदेशों में रजा पहलवी ने कहा था कि वह ईरान में शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया का नेतृत्व करने को तैयार हैं।
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