इस हमले में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
Islamabad attack: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर आतंकवाद की चपेट में आ गई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती बम धमाके ने पूरे शहर को दहला दिया। इस हमले में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह धमाका इस्लामाबाद की प्रमुख शिया मस्जिद कस्र-ए-खदीजतुल कुब्रा में उस वक्त हुआ, जब बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए मौजूद थे। धमाके के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
मस्जिद के गेट पर खुद को उड़ाया
स्थानीय मीडिया और HTN वर्ल्ड न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर ने मस्जिद के मुख्य गेट पर खुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया। प्रारंभिक जांच में इसे सुसाइड ब्लास्ट बताया जा रहा है। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मस्जिद के गेट और आसपास की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही इस्लामाबाद पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन या व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
घायलों के लिए अस्पतालों में इमरजेंसी लागू
हमले में घायल लोगों को तुरंत पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल में भर्ती कराया गया है। PIMS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के निर्देश पर अस्पताल में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मुख्य इमरजेंसी वार्ड के साथ-साथ ऑर्थोपेडिक, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि कई घायलों को सिर, सीने और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पतालों में रक्तदान की अपील भी की जा रही है।
इस्लामाबाद में हाई अलर्ट
धमाके के बाद इस्लामाबाद में आपात स्थिति (Emergency) लागू कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह हमला सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी नतीजे पर पहुंचने से इनकार किया गया है।
तीन महीने पहले भी दहला था इस्लामाबाद
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इस्लामाबाद आत्मघाती हमले का शिकार हुआ हो। इससे पहले 11 नवंबर 2025 को राजधानी के G-11 सेक्टर में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के बाहर हुए सुसाइड ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
उस हमले के बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाने की कोशिश भारत पर की थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था।
भारत ने पहले ही किया था आरोपों का खंडन
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उस समय स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान झूठे नैरेटिव गढ़कर अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता, आतंरिक सुरक्षा संकट और सत्ता संघर्ष से जूझ रहा है और इन मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए वह बार-बार भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाता है।
आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की चुनौती बरकरार
ताजा हमला एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना न सिर्फ जान-माल का नुकसान है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को तोड़ने की खतरनाक कोशिश भी है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के पीछे के नेटवर्क, हमलावर की पहचान और संभावित आतंकी कनेक्शन की पड़ताल में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस हमले से जुड़ी और अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
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