हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी अब शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं
Jaipur open jail marriage: Rajasthan की राजधानी जयपुर की सांगानेर स्थित open jail से एक हैरान करने वाला और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है। यहां हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी अब शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। खास बात यह है कि भावी दूल्हा और दुल्हन दोनों ही अलग-अलग सनसनीखेज हत्याकांडों में दोषी करार दिए जा चुके हैं।
यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज में पुनर्वास और सुधार की अवधारणा को लेकर भी बहस छेड़ रहा है।
खुली जेल में हुई मुलाकात, प्यार में बदली कहानी
जानकारी के मुताबिक, 34 वर्षीय प्रिया सेठ और 29 वर्षीय हनुमान प्रसाद को कोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद सांगानेर की खुली जेल में रखा गया था। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम में बदल गई।
पिछले करीब एक साल से दोनों open jail में रह रहे थे। यहां कैदियों को दिन के समय बाहर काम करने और शाम तक कैंप में लौटने की अनुमति होती है। इसी खुले वातावरण में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी करने का फैसला किया।
हाई कोर्ट के निर्देश पर मिली 15 दिन की पैरोल
इस हफ्ते की शुरुआत में दोनों कैदियों को 15 दिन की पैरोल दी गई। उनके वकील विश्राम प्रजापत ने बताया कि 7 जनवरी को राजस्थान हाई कोर्ट ने पैरोल कमेटी को निर्देश दिया था कि दोनों के आवेदन पर सात दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए।
अदालती आदेश के अनुपालन में पैरोल कमेटी ने रिहाई को मंजूरी दी, जिसके बाद दोनों बुधवार को जेल से बाहर आए। वकील के मुताबिक, यह पैरोल पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत दी गई है।
आरोपी युवक के गांव में होगी शादी
सूत्रों के अनुसार, प्रिया और हनुमान की शादी अलवर जिले के बड़ौदामेव, हनुमान प्रसाद के पैतृक गांव में आयोजित की जाएगी। सीमित संख्या में रिश्तेदार और परिचित इस विवाह समारोह में शामिल होंगे।
गांव में इस शादी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे सुधार और पुनर्वास की दिशा में एक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे लेकर असहजता भी जता रहे हैं।
युवती की अपराध कहानी
प्रिया सेठ का नाम 2018 के जयपुर के एक सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ा है। इस मामले में 27 वर्षीय दुष्यंत शर्मा की हत्या की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि प्रिया की मुलाकात दुष्यंत से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी।
आरोप है कि उसने पीड़ित को जयपुर के बजाज नगर इलाके में अपने किराए के फ्लैट पर बुलाया, वहां बंधक बनाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को एक सूटकेस में भरकर शहर के बाहरी इलाके में फेंक दिया गया।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने प्रिया को 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
युवक 5 मासूमों की हत्या का दोषी
वहीं, हनुमान प्रसाद भी एक बेहद जघन्य अपराध का दोषी है। उसे 2017 में अलवर जिले में हुए सामूहिक हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में एक व्यक्ति, उसके तीन बेटों और एक भतीजे की हत्या की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, हनुमान का महिला संतोष शर्मा से प्रेम संबंध था। आरोप था कि दोनों ने मिलकर पीड़ित परिवार को नशीली दवा देकर हत्या की साजिश रची। इस केस में भी अदालत ने हनुमान को 2023 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
open jail और सुधार की अवधारणा पर फिर चर्चा
यह मामला एक बार फिर Rajasthan की ओपन जेल व्यवस्था पर ध्यान खींच रहा है। सांगानेर खुली जेल ‘राजस्थान प्रिजनर्स ओपन एयर कैंप नियम, 1972’ के तहत संचालित होती है, जहां अच्छे आचरण वाले कैदियों को अपेक्षाकृत खुला वातावरण दिया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से सुधारात्मक न्याय और कैदियों के सामाजिक पुनर्वास पर नई बहस छिड़ सकती है।
समाज और कानून के बीच खड़ा एक अनोखा सवाल
जहां एक ओर यह शादी कानूनी रूप से वैध है, वहीं दूसरी ओर यह समाज के सामने कई नैतिक और सामाजिक सवाल भी खड़े करती है। क्या अपराध के बाद जीवन को नई शुरुआत देने का मौका मिलना चाहिए, या ऐसे मामलों में समाज को अधिक सतर्क रहना चाहिए?
फिलहाल, जयपुर की खुली जेल से शुरू हुई यह प्रेम कहानी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।






