Khan Sir Hospital Patna: ₹7 में ब्लड टेस्ट, ₹25 में ECG — मां की सीख से सस्ती इलाज की नई शुरुआत
Khan Sir Hospital Patna: भारत में इलाज आज भी आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। एक बीमारी और सालों की जमा-पूंजी खत्म हो जाती है। ऐसे समय में पटना से आई एक खबर ने लाखों लोगों को उम्मीद दी है। देश के मशहूर शिक्षक खान सर ने पटना में एक ऐसा अस्पताल शुरू किया है, जहां ब्लड टेस्ट सिर्फ ₹7 और ECG मात्र ₹25 में किया जा रहा है। यह कीमतें कई सरकारी अस्पतालों से भी कम हैं।
खान सर का यह कदम शिक्षा के बाद अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा सामाजिक बदलाव माना जा रहा है।
मां की एक बात से जन्मी अस्पताल की सोच
इस अस्पताल की कहानी किसी बड़ी मीटिंग या बिजनेस प्लान से नहीं, बल्कि एक मां की चिंता से शुरू हुई। खान सर की मां ने एक दिन उनसे कहा कि आपने लाखों बच्चों को सस्ती शिक्षा दी, लेकिन गरीब लोग आज भी इलाज के लिए अपनी जमीन, गहने और घर बेचने को मजबूर हैं।
यह बात खान सर को अंदर तक झकझोर गई। उन्होंने देखा कि कैसे लोग अस्पताल के बिल चुकाने के लिए कर्ज में डूब जाते हैं। उसी दिन उन्होंने तय किया कि अगर शिक्षा सस्ती हो सकती है, तो इलाज क्यों नहीं?
यहीं से पटना में इस लो-कॉस्ट अस्पताल का सपना हकीकत बनने लगा।
कीमतें जो हैरान कर दें
इस अस्पताल की सबसे खास बात है इसकी अविश्वसनीय कीमतें।
जहां निजी लैब में एक ब्लड टेस्ट के लिए 200–300 रुपये लगते हैं, वहीं यहां:
- ब्लड टेस्ट: ₹7
- ECG: ₹25
- X-Ray: ₹35
- डिजिटल X-Ray: ₹70
इन दरों का मकसद यही है कि रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर, छोटे दुकानदार और गरीब परिवार बिना डर के समय पर जांच करा सकें। खान सर मानते हैं कि बीमारी का इलाज महंगा नहीं, बल्कि देर से इलाज महंगा पड़ता है।
गरीबों के लिए, लेकिन तकनीक से भरपूर
कम कीमत का मतलब यह नहीं कि सुविधाओं में कोई कमी है। अस्पताल में हाई-टेक मशीनें, पूरी तरह कार्यरत डायलिसिस यूनिट और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर मौजूद हैं।
ऑपरेशन थिएटर में खास तरह की मेडिकल-ग्रेड एंटी-इंफेक्शन मैट्स लगाई गई हैं। खान सर ने टाइल्स का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया क्योंकि टाइल्स के बीच की दरारें बैक्टीरिया और फंगस का घर बन जाती हैं।
इतना ही नहीं, मरीजों और उनके परिजनों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था भी है, क्योंकि खान सर मानते हैं कि भूखा परिवार बीमार की सही देखभाल नहीं कर सकता।
मुनाफा नहीं, सेवा ही उद्देश्य
खान सर साफ शब्दों में कहते हैं कि यह अस्पताल नॉन-प्रॉफिट है। यहां रखी गई फीस इतनी कम है कि उससे सिर्फ बिजली और रखरखाव का खर्च ही निकल पाता है।
जब पहली बार रेट लिस्ट बनी, तो उनकी मां ने कहा – “इसे और कम करो, ताकि सबसे गरीब आदमी भी इलाज करा सके।”
आज भी कीमतों पर आखिरी फैसला उनकी मां ही लेती हैं।
आगे की बड़ी योजना
रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले समय में अस्पताल में:
- ब्लड बैंक
- कैंसर इलाज की सुविधा
- और भी सस्ती सर्जरी सेवाएं
शुरू की जाएंगी। दावा है कि डायलिसिस और सामान्य सर्जरी का खर्च कई सरकारी अस्पतालों से भी कम होगा।
क्यों जरूरी है ऐसा मॉडल
भारत में मेडिकल बिल अचानक जिंदगी बदल देते हैं। लोग जांच टालते हैं, दवाइयां छोड़ देते हैं और फॉलो-अप से बचते हैं। खान सर का यह अस्पताल उस डर को तोड़ने की कोशिश है।
एक शिक्षक से समाजसेवक बने खान सर ने दिखा दिया कि सहानुभूति अगर सही दिशा में लग जाए, तो सिस्टम भी बदला जा सकता है। पटना का यह अस्पताल सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद है, जिनके लिए इलाज अब तक एक सपना था।
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