सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम ‘Kisan Vikas Patra’ (KVP) उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभरती है जो बिना जोखिम के स्थिर रिटर्न चाहते हैं।
निवेश की दुनिया में हर व्यक्ति ऐसी योजना की तलाश करता है जहां पूंजी सुरक्षित रहे और रिटर्न भी निश्चित मिले। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम ‘Kisan Vikas Patra’ (KVP) उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभरती है जो बिना जोखिम के स्थिर रिटर्न चाहते हैं।
नाम से भले ही यह योजना किसानों के लिए प्रतीत होती हो, लेकिन इसमें कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इसमें निवेश की गई राशि सुरक्षित मानी जाती है। इस लेख में जानते हैं कि किसान विकास पत्र क्या है, इसमें कितना रिटर्न मिलता है, कितने समय में पैसा दोगुना होता है और किन लोगों के लिए यह योजना उपयुक्त है।
क्या है Kisan Vikas Patra योजना?
किसान विकास पत्र की शुरुआत वर्ष 1988 में की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश का विकल्प उपलब्ध कराना है। यह एक ऐसी बचत योजना है जिसमें निवेश की गई राशि एक निश्चित अवधि के बाद लगभग दोगुनी हो जाती है।
वर्तमान में इस योजना की परिपक्वता अवधि 115 महीने यानी करीब 9 साल 7 महीने है। हालांकि, यह अवधि समय-समय पर सरकार द्वारा तय ब्याज दरों के अनुसार बदल सकती है। इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
ब्याज दर और रिटर्न कैसे तय होता है?
Kisan Vikas Patra पर मिलने वाली ब्याज दर सरकार हर तिमाही घोषित करती है। वित्त वर्ष 2024-25 के अनुसार इस योजना पर करीब 7.5 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दिया जा रहा है।
चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब है कि हर वर्ष मिलने वाला ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है और अगले वर्ष उसी बढ़ी हुई राशि पर ब्याज मिलता है। यही कारण है कि तय अवधि पूरी होने पर निवेश की रकम लगभग दोगुनी हो जाती है।
कौन कर सकता है निवेश?
इस योजना में निम्न लोग निवेश कर सकते हैं:
- कोई भी वयस्क भारतीय नागरिक
- संयुक्त खाता धारक
- नाबालिग के नाम पर अभिभावक
हालांकि, अनिवासी भारतीय (NRI) और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) इस योजना में निवेश नहीं कर सकते।
KYC से जुड़े नियम
सरकार ने पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए इस योजना में KYC नियम अनिवार्य किए हैं।
- 50,000 रुपये से अधिक निवेश पर पैन कार्ड आवश्यक है।
- 10 लाख रुपये से अधिक निवेश करने पर आय का प्रमाण देना होगा।
- आधार के माध्यम से पहचान सत्यापन किया जाता है।
किन निवेशकों के लिए फायदेमंद?
Kisan Vikas Patra खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो:
- जोखिम से बचना चाहते हैं
- निश्चित रिटर्न पसंद करते हैं
- लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं
- बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं
- अतिरिक्त बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं
ट्रांसफर और निकासी के नियम
इस योजना की एक खासियत यह है कि इसे कुछ शर्तों के तहत ट्रांसफर किया जा सकता है। निवेशक अपने प्रमाणपत्र को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या एक डाकघर से दूसरे डाकघर में स्थानांतरित कर सकता है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी होता है।
जहां तक समय से पहले निकासी की बात है, इसमें 30 महीने की लॉक-इन अवधि होती है। यानी निवेश के कम से कम ढाई साल बाद ही पैसा निकाला जा सकता है। हालांकि, निवेशक की मृत्यु, संयुक्त धारक की मृत्यु या अदालत के आदेश जैसी विशेष परिस्थितियों में पहले भी निकासी की अनुमति मिल सकती है।
टैक्स नियम क्या हैं?
Kisan Vikas Patra में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई छूट नहीं मिलती। इस योजना से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर योग्य होता है। हर साल अर्जित ब्याज पर 10 प्रतिशत TDS काटा जाता है और इसे निवेशक की कुल आय में जोड़ा जाता है। हालांकि, परिपक्वता के समय TDS नहीं काटा जाता।
निवेश कैसे करें?
Kisan Vikas Patra में निवेश करने के लिए आवेदन फॉर्म (Form A) भरकर डाकघर या अधिकृत बैंक में जमा करना होता है। एजेंट के माध्यम से निवेश करने पर Form A1 भरा जाता है।
KYC दस्तावेज जमा करने और सत्यापन के बाद भुगतान किया जाता है। भुगतान नकद, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या पे ऑर्डर से किया जा सकता है। भुगतान पूरा होने के बाद प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है।
KVP और फिक्स्ड डिपॉजिट में अंतर
किसान विकास पत्र और बैंक एफडी दोनों सुरक्षित निवेश विकल्प हैं, लेकिन दोनों में अंतर है। KVP एक सरकारी योजना है, जिसमें तय अवधि के बाद राशि लगभग दोगुनी होती है। वहीं बैंक एफडी में ब्याज दर संबंधित बैंक तय करता है और अवधि लचीली होती है।
एफडी में टैक्स सेविंग का विकल्प उपलब्ध है, जबकि किसान विकास पत्र में केवल सुरक्षित और निश्चित रिटर्न मिलता है।





