Kuldeep Singh Sengar daughter statement: क्या सबूतों को नजरअंदाज किया गया? उन्नाव केस में सेंगर परिवार की आवाज
Kuldeep Singh Sengar daughter statement: देश के बहुचर्चित उन्नाव रेप केस को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। इस बार वजह बना है दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर का बयान, जिसमें उन्होंने अपने पिता को निर्दोष बताते हुए पीड़िता के आरोपों पर सवाल उठाए हैं।
ऐश्वर्या सेंगर का कहना है कि उनके पिता को राजनीति में होने की वजह से इस मामले में “खामियाजा भुगतना पड़ा” और सच्चाई को लगातार नजरअंदाज किया गया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा में राहत देते हुए जमानत दी थी, जिस पर देशभर में विरोध हुआ। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी।
Aishwarya Sengar claims father innocent: “अगर दोष साबित हो जाए, तो फांसी दीजिए”
समाचार एजेंसी से बातचीत में ऐश्वर्या सेंगर ने कहा कि उन्हें बीते आठ सालों से न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उनके पिता ने “आंख उठाकर भी देखा”, तो उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस केस से जुड़े कई तथ्यों और दस्तावेजों को लगातार नजरअंदाज किया गया है।
ऐश्वर्या का कहना है कि पीड़िता ने घटना के समय को कई बार बदला है और सीबीआई की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रिपोर्ट में यह सामने आया है कि उनके पिता घटना के वक्त घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। उनके मुताबिक, सभी सबूत अदालत के सामने रखे जा चुके हैं।
सोशल मीडिया पर एकतरफा माहौल?
ऐश्वर्या सेंगर ने सोशल मीडिया पर चल रही बहस को भी सवालों के घेरे में रखा। उन्होंने कहा कि हर जगह सिर्फ पीड़िता का पक्ष सुना जा रहा है, लेकिन उनके परिवार की स्थिति, मानसिक तनाव और सामाजिक बहिष्कार पर कोई बात नहीं करता। उनके अनुसार, उनके पिता को “पावरफुल” बताया जाता है, जबकि उन्हें पार्टी से पहले ही बाहर किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार आम लोगों की तरह जी रहा है और बीते वर्षों में उन्हें लगातार अपमान, धमकियों और आरोपों का सामना करना पड़ा है।
पीड़िता के आरोपों पर पलटवार
ऐश्वर्या सेंगर ने पीड़िता के उस बयान का खंडन किया, जिसमें परिवार से जान को खतरा बताया गया है। उनका कहना है कि पीड़िता सीआरपीएफ की सुरक्षा में है और उनके परिवार की ओर से कभी किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं रहा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क हादसे और गवाहों की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे जांच रिपोर्ट से मेल नहीं खातीं। उनके अनुसार, संबंधित दुर्घटना को जांच में “नेचुरल एक्सीडेंट” बताया गया है।
राजनीति और निजी रंजिश का दावा
ऐश्वर्या सेंगर का दावा है कि यह मामला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि राजनीति और गांव की पुरानी रंजिशों से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर उनके पिता राजनीति में नहीं होते, तो उन्हें बहुत पहले न्याय मिल चुका होता। उनके मुताबिक, पीड़िता पक्ष भी प्रभावशाली है और गांव की पुरानी चुनावी और पारिवारिक दुश्मनी इस विवाद की जड़ में है।
मामला अभी अदालत में
हालांकि, यह साफ है कि उन्नाव रेप केस अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में है। अदालतों के फैसले, सबूतों की जांच और कानूनी प्रक्रिया ही तय करेगी कि अंतिम सत्य क्या है। एक ओर जहां पीड़िता को न्याय की मांग का समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के परिवार का दर्द और उनके दावे भी सामने आ रहे हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि न्याय, राजनीति और जनभावनाओं के बीच संतुलन कैसे बने, और क्या सोशल मीडिया के दौर में हर पक्ष को बराबरी से सुना जा रहा है या नहीं।
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