Skip to content
Aarambh News

Aarambh News

सत्य, सर्वत्र, सर्वदा

cropped-scootyy-903-x-110-px-1.webp
Primary Menu
  • Home
  • भारत
  • देश विदेश
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • ज्योतिष
  • शिक्षा/ रोजगार
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • तकनीकी
  • Viral खबरे
  • Home
  • भारत
  • Makar Sanskranti 2025 : जानिए उत्तराखंड में क्यों मनाई जाती है अलग तरीके से मकर संक्रांति
  • भारत

Makar Sanskranti 2025 : जानिए उत्तराखंड में क्यों मनाई जाती है अलग तरीके से मकर संक्रांति

Aarambh News January 13, 2025 1 minute read
3

 

uttrakhand News : उत्तराखंड के कुमाऊं चैत्र में Makar Sanskranti मानाने का तरीका अन्य राज्यों से से अलग से है। जहाँ अन्य राज्यों में इस दिन खिचड़ी बनाने व खिचड़ी बाटने की परंपरा है वही उत्तराखंड में इस दिन “घुघुतिया” पर्व मानाने की परंपरा है। ghugutiya पर्व मानाने की परंपरा उतनी की पुराणी है जितनी पुराणी मकरसंस्कृति मानाने की है।
यह त्यौहार सूर्य के दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ने और प्रवासी पक्षियों के पहाड़ों पर लौटने का स्वागत करता है । यह त्यौहार कौवों का सम्मान करने के लिए भी मनाया जाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने एक लोक कथा में एक बच्चे को साँप के काटने से बचाया था।

Table of Contents

Toggle
    • ghugutiya पर्व क्या है ?
    • कौवे की विशेष मान्यता।
      • उत्तराखंड की लोकपर्व की है प्रचलित कथा
  • About the Author
    • Aarambh News

ghugutiya पर्व क्या है ?

यह त्यौहार सूर्य के दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ने और प्रवासी पक्षियों के पहाड़ों पर लौटने का स्वागत करता है। यह तयोहार मकर संक्रान्ति के दिन मनाया जाता है। इस दिन घर की महिलाये आटे , सूजी और गूढ़ के पानी को मिलाकर एक मीठा पकवान बनती है, जिसे “घुगुती” कहते है।
अगले दिन घर की महिलाये उन घुगुतियो की मालाएं बनाती है और बच्चो को पहनाती है। बच्चे बोहोत ख़ुशी से उन मालाओं को धारण करते है और पुरे गांव में घूमते है और ज़ोर ज़ोर से बोलते है “काले कौआ काले, घुघुति माला खा ले”

कौवे की विशेष मान्यता।

हलाकि कौवे को नकारात्मक शक्ति व ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है , पर सनातन धर्म में कौवे को विशेष महत्व दिया है।
इसके पीछे एक रोमांचिक कथा है। वैसे तोह कौवे की इतनी महत्वता के पीछे कई कथाये प्रचलित है पर इस कथा को बहुत महत्त्व दिया गया है।
त्रेता युग में एक कौवे ने भगवान राम की पत्नी सीता के पैर में चोंच मार दी. इससे माता सीता के पैर में घाव हो गया.
भगवान राम बुरी तरह क्रोधित हो उठे. उन्होंने एक तीर से कौवा की आंख फोड़ दी. दर्द से कराहते कौवे को देख भगवान राम द्रवित हो उठे. उन्होंने कौवे को वरदान दिया कि तुम्हें भोजन कराने से पितृ प्रसन्न हो जाएंगे. इसके बाद कौवे को सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा. यह कौवा कोई और नहीं, इंद्रदेव का बेटा जयंत था. कौवा यमराज का संदेश वाहक भी माना जाता है. कौवा पितरों का आश्रय स्थल के रूप में भी चिह्नित है. उसकी खूबियों के कारण शनिदेव ने वरदान दे रखा है. कौवा कभी किसी बीमारी से नहीं मर सकता. उसकी मृत्यु सिर्फ आकस्मिक दशाओं में हो सकती है. कालांतर में भी इस किवदंती को काफी बल मिला है. कौआ अपने पूरे जीवन काल में लगभग रोगमुक्त बना रहता है.

उत्तराखंड की लोकपर्व की है प्रचलित कथा

उत्तराखंड में त्योहार के पीछे एक कथा प्रचलित है. कथा के अनुसार बात उन दिनों की है, जब कुमाऊं में चन्द्रवंश के राजा राज करते थे. राजा कल्याण चंद की कोई संतान नहीं थी. उनका कोई उत्तराधिकारी भी नहीं था. उनका मंत्री सोचता था कि राजा के बाद राज्य मुझे ही मिलेगा. एक बार राजा कल्याण चंद सपत्नीक बाघनाथ मंदिर में गए और संतान के लिए प्रार्थना की. बाघनाथ की कृपा से उनको एक पुत्र की प्राप्ति हुई. उसका नाम निर्भयचंद पड़ा. निर्भय को उसकी मां प्यार से ‘घुघुति’ बुलाया करती थी. घुघुति के गले में एक मोती की माला थी.

माला में घुंघुरू लगे हुए थे. घुंघरू से सुसज्जित मोती की माला को पहनकर घुघुति बहुत खुश रहता था. जिद करने कर मां कहती कि जिद न कर, नहीं तो मैं माला कौवे को दे दूंगी. उसको डराने के लिए कहती कि ‘काले कौवा काले घुघुति माला खा ले’. मां की बात सुनकर कई बार कौवा आ जाता. उसे देखकर घुघुति जिद छोड़ देता. कौवे के आने पर मां खाने को दे देती. धीरे-धीरे घुघुति की कौवों के साथ दोस्ती हो गई.

राजपाट की उम्मीद लगाए बैठा मंत्री घुघुति को मारने की सोचने लगा. मंत्री ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा. एक दिन जब घुघुति खेल रहा था, तब उसे चुप-चाप उठाकर ले गया. घुघुति को जंगल की ओर ले जाने के दौरान एक कौवे ने देख लिया. कौवा जोर-जोर से कांव-कांव करने लगा. उसकी आवाज सुनकर घुघुति जोर-जोर से रोने लगा और अपनी माला को उतारकर दिखाने लगा. उत्तराखंड में त्योहार का मतलब पुरानी संस्कृति को याद करना है. आज भी कुमाऊं में त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है. सुबह से बच्चे काफी उत्साहित रहते हैं. सुबह सुबह घुघुती की माला गले में डालकर कव्वे को बुलाते हैं.

 

मकर संक्रांति: खिचड़ी का पर्व, परंपराएं और मान्यताएं

 

About the Author

a067583c37dbc43754407c49ebc83701

Aarambh News

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: Jodhpur crime : जोधपुर दौर पर निकले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बताइए लड़की ने आपबीती।
Next: Bihar news: 16 साल के प्रेमी और 17 साल की प्रेमिका ने भाग कर की शादी नाबालिक लड़की हुई प्रेग्नेंट।

3 thoughts on “Makar Sanskranti 2025 : जानिए उत्तराखंड में क्यों मनाई जाती है अलग तरीके से मकर संक्रांति”

  1. Pingback: Sainik School Admission 2025: आज है AISSEE फॉर्म भरने की आखिरी तारीख, जानें परीक्षा की डेट और महत्वपूर्ण जानकारी
  2. Pingback: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया Z-Morh टनल का उद्घाटन: लद्दाख और कश्मीर को मिलेगा हर मौसम में सड़क
  3. Pingback: Makar Sankranti 2025: राशियों पर प्रभाव और लाभ-हानि

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Stories

Natural gulal at home
  • भारत

Natural gulal at home: होली पर केमिकल रंगों से सावधान! घर पर बनाएं सुरक्षित ऑर्गेनिक गुलाल

Satya Pandey February 28, 2026 0
Ghaziabad food adulteration
  • स्वास्थ्य
  • भारत

Ghaziabad food adulteration: गाजियाबाद में हर दूसरा खाद्य नमूना फेल, होली से पहले मिलावट पर बड़ा खुलासा

Satya Pandey February 28, 2026 0
CM Yogi Holi announcement
  • भारत

CM Yogi Holi announcement: होली से पहले यूपी कर्मचारियों को तोहफा, समय से पहले वेतन और 3 दिन की छुट्टी

Satya Pandey February 27, 2026 0

Latest

Muslim Salim Wastik
  • Viral खबरे

गाजियाबाद में Ex-Muslim Salim Wastik पर जानलेवा हमला! Encounter में ढेर हुआ मुख्य आरोपी, शहर में तनाव

Suman Goswami March 2, 2026 0
Ex-Muslim Salim Wastik: गाजियाबाद के लोनी इलाके में हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को...
Read More Read more about गाजियाबाद में Ex-Muslim Salim Wastik पर जानलेवा हमला! Encounter में ढेर हुआ मुख्य आरोपी, शहर में तनाव
Electric kettle in train: वायरल वीडियो के बाद एक्शन में रेलवे, ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली चलाना क्यों है खतरनाक? Electric kettle in train
  • Viral खबरे

Electric kettle in train: वायरल वीडियो के बाद एक्शन में रेलवे, ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली चलाना क्यों है खतरनाक?

February 27, 2026 0
जयमाला के बाद चली गोली: Wedding Stage पर Bride Shooting से मचा हड़कंप! Wedding Stage
  • Viral खबरे

जयमाला के बाद चली गोली: Wedding Stage पर Bride Shooting से मचा हड़कंप!

February 25, 2026 0
हरियाणा में Shivaji Image Controversy, Washroom Sign पर लगी तस्वीरों से मचा बवाल! Shivaji Image Controversy
  • Viral खबरे

हरियाणा में Shivaji Image Controversy, Washroom Sign पर लगी तस्वीरों से मचा बवाल!

February 25, 2026 0
70 साल के दूल्हे की 22 साल की दुल्हन, Pakistan Wedding ने छेड़ी नई बहस! Pakistan Wedding
  • Viral खबरे

70 साल के दूल्हे की 22 साल की दुल्हन, Pakistan Wedding ने छेड़ी नई बहस!

February 25, 2026 0

You may have missed

Vitamin-D
  • स्वास्थ्य

धूप में रखा पानी पीने से मिलेगा Vitamin-D? डॉक्टर ने बताया वायरल दावे का पूरा सच

Suman Goswami March 2, 2026 0
Tehran web series
  • मनोरंजन

Tehran web series: वैश्विक तनाव के बीच क्यों ट्रेंड कर रही है स्पाई थ्रिलर ‘तेहरान’?

Satya Pandey March 2, 2026 0
CUET PG 2026 Admit Card
  • शिक्षा/ रोजगार

CUET PG 2026 Admit Card का इंतज़ार खत्म! कभी भी जारी हो सकता है हॉल टिकट, 6 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं

Suman Goswami March 2, 2026 0
Jaundice-Hepatitis
  • स्वास्थ्य

पलवल में Jaundice-Hepatitis (पीलिया-हेपेटाइटिस) से 12 मौतें: ये 8 लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं, बचाव के लिए अपनाएं 10 उपाय

Satya Pandey March 2, 2026 0
  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube
  • X
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policies
  • Home
  • PRIVACY POLICY
  • Terms & Condtions
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.