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6 राज्यों में मानसून की एंट्री: आंधी-तूफान संग यूपी, MP समेत उत्तर भारत में आ रहा मानसून

दिल्ली में लंबे समय से भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के लिए शुक्रवार (21 जून, 2024) की सुबह सुहावनी रही और कुछ हिस्सों में बारिश हुई. दक्षिण-पश्चिम मानसून 10 दिन थमे रहने के बाद शुक्रवार 21 जून को मध्य प्रदेश पहुंच गया। मध्य प्रदेश में मानसून डिंडौरी के रास्ते आया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून महाराष्ट्र-विदर्भ के हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 14 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, बीते कुछ दिन से 43°-45° टेम्परेचर झेल रही दिल्ली में भी बारिश हुई और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

IMD ने ये भी बताया कि देश में अब तक (1 से 20 जून तक) 77 मिमी बारिश हुई। यह इस दौरान होने वाली बारिश से 17% कम है। 1 से 20 जून तक देश में 92.8 मिमी बारिश हो जाती है।

यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में दस्तक देगा मानसून

मौसम विभाग ने कहा, ”दक्षिण-पश्चिम मानसून विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है.”

आईएमडी ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गंगा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. मानसून की दस्तक देने के साथ ही इन राज्यों में बारिश के साथ तूफान आने की संभावना है.

मानसून: कहां पहुंचा, कहां अटका

दक्षिण-पश्चिम मानसून निकोबार में 19 मई को पहुंच गया था। केरल में इस बार दो दिन पहले, यानी 30 मई को, ही मानसून पहुंच गया था और कई राज्यों को कवर भी कर गया। फिर 12 से 18 जून तक (6 दिन) मानसून रुका रहा। इसके चलते उत्तर भारत में हीटवेव चल रही है।

मानसून 12 जून तक केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को पूरी तरह कवर कर चुका था। साथ ही दक्षिण महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, दक्षिणी ओडिशा, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और सभी पश्चिमोत्तर राज्यों में पहुंच गया था।

18 जून तक मानसून गुजरात के नवसारी, महाराष्ट्र के जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, ओडिशा के मलकानगिरी और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम तक पहुंचा। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून में मानसून सामान्य से कम यानी 92% लंबी अवधि के औसत (LPA) से कम रहेगा।

आम लोगों का जीवन कितना प्रभावित

देश में इस सीजन हीटस्ट्रोक के 40 हजार मामले: हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, 1 मार्च से 18 जून तक करीब 41 हजार से ज्यादा हीटस्ट्रोक के केसेज रिकॉर्ड किए गए। वहीं, हीटवेव से 114 लोगों की मौत हुई है। इस बार हीटवेव के दिन औसत से दोगुने थे। मौसम विभाग ने इस महीने भी सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है। विभाग ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण देश में तेज गर्मी का असर अब तक देखने को मिल रहा है।

असम में पार्क की सुरक्षा के लिए स्पेशल कमांडो: असम में बाढ़ के हालात खतरनाक हो गए हैं। यहां 15 जिलों में 1.62 लाख लोग और करीब 1 लाख जानवर प्रभावित हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में जानवरों की निगरानी के लिए CM हिमंता बिस्वा सरमा ने अफसरों की मीटिंग ली। काजीरंगा में 3 नई कमांडो बटालियन तैनात की गई हैं। 600 वनकर्मियों की नई भर्ती होगी।

छत्तीसगढ़ में गर्मी की छुट्टियां बढ़ीं: छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी पड़ रही है। रविवार 16 जून को रायपुर और राजनांदगांव का टेम्परेचर 39 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके चलते समर वेकेशन 25 जून तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले राज्य सरकार ने गर्मी की छुट्टियां 22 अप्रैल से 15 जून तक घोषित की थीं।

ओडिशा में छुटि्टयों का फैसला कलेक्टर लेंगे: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि मौसम की स्थिति देखते हुए स्कूल कब खुलेंगे, इसका फैसला कलेक्टर करेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में 19 जून तक मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहेगा।

दिल्ली में रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर: राजधानी दिल्ली में 12 साल बाद रात का न्यूनतम तापमान सबसे ज्यादा 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 2012 में 34 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। राजधानी में गर्मी की वजह से बिजली की डिमांड रिकॉर्ड 8,656 मेगावॉट पर पहुंच गई है। यहां अगले दो-तीन दिनों में बारिश का अनुमान है। इसके बाद गर्मी से राहत मिलेगी।

उड़ानों पर असर: हाई टेम्परेचर के चलते दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स ऑपरेशन पर असर पड़ा। उड़ानों में देरी हुई। इस बात का इंतजार करना पड़ा कि हवा चले और तापमान कुछ कम हो। एक अफसर ने बताया कि ज्यादा तापमान के चलते हवा की परत पतली हो जाती है। एयरक्राफ्ट के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए घनी हवा की जरूरत होती है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 5 दिन 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हल्के से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। ऐसा मौसम अगले 5 दिन रह सकता है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले 5 दिन गरज-चमक के साथ बारिश होगी। साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

नॉर्थ-ईस्ट अरब सागर और सौराष्ट्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जिसके चलते मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 जून को विदर्भ और छत्तीसगढ़ और 22 जून को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।

 

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